Saturday, April 13, 2024

TOPIC

English Medium Schools

Medium of instruction in Indian schools

Is English truly so superior that it should supplant local languages all across the world? Lets examine the reasons for and against English as a medium of education in greater depth.

हिन्दी भाषियों में बढ़ती हीन भावना

यह जो हिन्दी मीडियम और अंग्रेजी मीडियम की दीवार है यहीं होती है ‘Inferiority Complex’ की शुरुआत। क्योंकि लोगों को लगता है कि अंग्रेजी भाषा में हिंदी, राजस्थानी, मराठी या किसी अन्य प्रदेश की भाषा से रोजगार की तुलना में अधिक अवसर हैं।

जातिवाद का नया रूप

१. सामाजिक तिरस्कार २. न्याय ना मिलना ३. शिक्षा ना मिलना ४. नौकरी ना मिलना ५. बैंक इत्यादि सामाजिक सुविधाओं का लाभ ना मिलना। ये सभी दोष नए रूप में पनप रहे जातिवाद अधिक प्रचण्ड मात्रा में है। और इस जातिवाद का नाम है , अंग्रेजी भाषा का हर क्षेत्र में प्रयोग।

Assimilating English into the wave of Hindutva

If we are to popularize a culture-rooted narrative, English shall be of great import. It is possible to not adopt the anglophile elitism and yet stay relevant in academia espousing such a narrative

हिंदी की व्यथा..

हिंदी का खो गया अभिमान, भारत में अंग्रेजी है अब, पढ़े-लिखों की पहचान l बोलकर अंग्रेजी, होता है बड़ा गुमान, हिंदुस्तान में हिंदी, खो चुकी सम्मान l

हिंदी भाषा का बढ़ता अंग्रेजीकरण

हिंदी भाषा मे बढ़ते प्रदूषण के लिए मीडिया से ज्यादा हम एक समाज के तौर जिम्मेदार है। न जाने कितनी बार हम हिंदी भाषा का मजाक बनते हुए देखते हैं परन्तु हमारे लिए यह सब अब ‘नार्मल’ हो चला हैं।

A practical approach to preserve Indian vernacular languages

We need to be aware that our books for Hindi are incredibly boring for young children. In an era of trains, planes, cars, computers and internet, the excited school student does not want to read a sermon on morals, culture or patriotism.

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