Saturday, March 28, 2020

TOPIC

casteism

पहले इंसान बन जा

माना की जातीय परंपरा एक भाग हैं भारतीय समाज काI परन्तु ये जातीय परंपरा कम और अंतरजातीय संघर्ष ज्यादा प्रतीत होता हैI भारत में लोग जात के नाम पर भीड़ जाते है, मार दिए जाते हैंI

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

कौन जात के हैं कैलाश सत्यार्थी?

जातियों को खांचे में बांट कर और एक दूसरी जातियों को उनके खिलाफ भड़का कर वोट बैंक की जो राजनीति हो रही है, वह बहुत ही खतरनाक है। वोट के लिए देवी-देवताओं तक को भी जाति के आधार पर बांटा जा रहा है।

Lutyens are opposing Nationalism, because they’re scared of this

Nationalism is a cure for Casteism in Hindus, and Radicalization in Muslims.

Is the Hindu Right Wing celebrating defeat as if it’s a triumph?

We have spit at ourselves and behaved we are bathed in panchaamrit!

The problem of caste, and the future politics around it

We are going to see interesting as well as frightening times.

कांग्रेस के इस षड्यंत्र से मोदीजी अनजान हैं क्या?

कांग्रेस यह चाहती है कि दलितों को बदनाम करके वह दलितों और गैर दलितों को अलग कर दिया जाये

BR Ambedkar burning Manusmriti – why the act was flawed

An attempt to understand and analyse the act

Bhima Koregaon and that ‘necklace’ British got painted for us

The British 'souls' must be happy over what has happened in the name of history.

जातिवाद का ज़हर, होगा बेअसर

राहुल गाँधी और अन्य विपक्ष, जातिवाद का वो ज़हर जो लगभग ख़त्म हो चुका है, उसको फिर से जगा रहें हैं, पर ये सब सब व्यर्थ है.

Latest News

Corona pandemic and the future of global trade

As we battle the current situation, it is imperative that we start thinking of measures to prevent a repeat of such situations in the future.

Kabul terror attack:Last nail in the coffin of anti-CAA protests?

The barbaric attack comes barely two and a half months after the vandalisation of Gurdwara Nankana Sahib, the birthplace of Guru Nanak Dev, by a violent mob in Pakistan.

क्या कोरोना का फैलना एक संयोग है या फिर एक प्रयोग?

ये बात अचंभित करती है कि चीन आज दुनिया के लिए खतरा बन चुका कोरोना वायरस को सुरक्षा के लिए ख़तरा नही मान रहा है। जबकि 2014 में इबोला वायरस को संयुक्त राष्ट्र परिषद ने ख़तरा मानते हुए रेजॉलूशन भी पास किया था। 

The truth unsaid

There are story writers who sign any contract for writing rubbish. They may be paid in dollar or in rupee, cash or...

COVID-19, एक शांतिपूर्ण युद्ध

यह एक ऐसी जंग है जो सिर्फ घर पर बैठकर और सोशल डिस्टैन्सिंग से ही जीती जा सकती है। हमें ये 21 दिन स्वयं को व अपने परिवार को ही देने हैं तथा सरकार का पूरा सहयोग करना है।

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Muslim leadership in India has to step in the fight against Covid-19

If the virus manages to pester in the community due to stupid actions of a few, it will impact all of us.

Supreme court may need to tweak its order on limitation

21 days of lockdown and the Supreme Court of India

Textbooks or left propaganda material?

It seems like communist and left wing academicians have pledged to create an army of comrades.

Can 1.7 Lakh Crore Garib Kalyan Yojana Contain the Economic Impact of Wuhan Virus?

In this Health Emergency food and health services are the basic need for every one. We have to feed our vulnerable people.

क्या सच में? जी हाँ सच में।

लॉकडाउन के बीच दुकानों अनावश्यक भीड़ बढ़ाना और राशन की जमाखोरी करना संकट को ही आमंत्रित करता है। यदि हम घर पर रहकर दाल रोटी जैसे सामान्य लेकिन पौष्टिक भोजन में काम चलाएंगे तो सोशल डिस्टन्सिंग से हम इस चीन वुहान वायरस की कड़ी को खत्म कर सकते है।