Tuesday, March 9, 2021

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Caste divide in India

Caste System in India: From the eyes of a Retired IPS Officer turned Social Activist

A very small effort is required to bring a change and the society should come forward to resolve the issues related to caste-based discrimination or any other form of discrimination based on gender, colour, creed, sexual orientation etc.

मनुस्मृति और जाति प्रथा! सत्य क्या है? (part-2)

जन्म आधारित जातिव्यवस्था महर्षि मनु द्वारा प्रतिपादित समाजव्यवस्था का कहीं से भी हिस्सा नहीं है. जो जन्मना ब्राह्मण अपने लिए दण्डव्यवस्था में छूट या विशेष सहूलियत चाहते हैं – वे मनु, वेद और सम्पूर्ण मानवता के घोर विरोधी हैं और महर्षि मनु के अनुसार, ऐसे समाज कंटक अत्यंत कड़े दण्ड के लायक हैं

Caste on wheels

Showing the caste names opening on the wheels and investing wholeheartedly of to which caste one is brought into the world is such backward and in reverse and absolutely not dynamic or forward looking.

“I don’t believe in caste”

Caste- the original phrase carries as much weight as claiming to disbelieve in capitalism. The question of belief does not arise at all. As the duality of rich and poor exists, so does caste. And it will stay.

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Caste education: Decoding caste system

There are numerous scripts which in detail explain how the Varna of a person should be determined based on the profession & nature of his living not based on birth.

पहले इंसान बन जा

माना की जातीय परंपरा एक भाग हैं भारतीय समाज काI परन्तु ये जातीय परंपरा कम और अंतरजातीय संघर्ष ज्यादा प्रतीत होता हैI भारत में लोग जात के नाम पर भीड़ जाते है, मार दिए जाते हैंI

जाति है कि जाती नही

जाति की राजनीति करने वाले सभी नेता ब्राह्मणवाद विचारधारा से ग्रसित हैं, क्योंकि वह समाज में एकीकृत भाव का निर्माण होने ही नहीं देना चाहते। बाकि समझ अपनी-अपनी।

कौन जात के हैं कैलाश सत्यार्थी?

जातियों को खांचे में बांट कर और एक दूसरी जातियों को उनके खिलाफ भड़का कर वोट बैंक की जो राजनीति हो रही है, वह बहुत ही खतरनाक है। वोट के लिए देवी-देवताओं तक को भी जाति के आधार पर बांटा जा रहा है।

Here is a solution to the caste system, and it’s not what you think

An attempt to trigger a debate and discussion. What should be done to make a caste-less society?

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