Monday, May 25, 2020

TOPIC

Caste divide in India

“I don’t believe in caste”

Caste- the original phrase carries as much weight as claiming to disbelieve in capitalism. The question of belief does not arise at all. As the duality of rich and poor exists, so does caste. And it will stay.

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Caste education: Decoding caste system

There are numerous scripts which in detail explain how the Varna of a person should be determined based on the profession & nature of his living not based on birth.

पहले इंसान बन जा

माना की जातीय परंपरा एक भाग हैं भारतीय समाज काI परन्तु ये जातीय परंपरा कम और अंतरजातीय संघर्ष ज्यादा प्रतीत होता हैI भारत में लोग जात के नाम पर भीड़ जाते है, मार दिए जाते हैंI

जाति है कि जाती नही

जाति की राजनीति करने वाले सभी नेता ब्राह्मणवाद विचारधारा से ग्रसित हैं, क्योंकि वह समाज में एकीकृत भाव का निर्माण होने ही नहीं देना चाहते। बाकि समझ अपनी-अपनी।

कौन जात के हैं कैलाश सत्यार्थी?

जातियों को खांचे में बांट कर और एक दूसरी जातियों को उनके खिलाफ भड़का कर वोट बैंक की जो राजनीति हो रही है, वह बहुत ही खतरनाक है। वोट के लिए देवी-देवताओं तक को भी जाति के आधार पर बांटा जा रहा है।

Here is a solution to the caste system, and it’s not what you think

An attempt to trigger a debate and discussion. What should be done to make a caste-less society?

Karunanidhi divided Hindu and Christian Nadar to defeat Kamaraj in 1969

Although MK could not defeat Kamaraj but he could defeat the harmony between Christian and Hindus in down south and also could divide Hindu nadar and Christian nadar unity to a great extent.

Has Periyar caused comparative psychosis in TN than competitiveness?

EVR constantly whipped his listeners and followers by saying they belong to Sudra- children of Dasi and to substantiate his obsession and hatred, he always used to abuse God, Hindu culture and Brahmins.

Bhima Koregaon: A false narrative

What does Ambedkar’s attempt at glorifying Koregaon reflect?

Latest News

भारतीय भाषाई विविधता पर हावी पश्चिमीकरण और हमारी दुर्बलता

संस्कृत विश्व की पुरातन भाषा है और वर्तमान की सभी भाषाओं की उत्पत्ति इसी भाषा से हुई है किन्तु आज यही संस्कृत भाषा विलोपित होती जा रही है। उससे भी बड़ी विडम्बना यह है कि हम स्वयं अपनी भाषागत परंपरा का पश्चिमीकरण कर रहे हैं। (by @omdwivedi93)

COVID 19- Agonies of Odisha Sarpanches no one is talking about

While the delegation of the collector power to the Sarpanch is being welcomed by all, the mismanagement has put an woe among these people's representatives.

The implications of structural changes brought by Coronavirus – Part 1

Many companies will move towards greater share of employees working from home with a weekly one to two day gathering for team building purposes. The IT industry in India estimates that close to 50 per cent of the country’s 4.3 million IT workers will soon work from home.

Saving the idea of India

Should Mickey (Valmiki) have not been more inclusive and given name Rehman instead of Hanuman and Agatha instead of Agastya? Such bandicoot the wrier was!

Feminism is nice, but why settle for a lesser idea?

Feminism talks about only women, Devi talks about humanity and cares for everyone equally as a compassionate mother (real gender neutrality)

Recently Popular

तीन ऐसे लोग जिन्होंने बताया कि पराजय अंत नहीं अपितु आरम्भ है: पढ़िए इन तीन राजनैतिक योद्धाओं की कहानी

ये तीन लोग हैं केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी, दिल्ली भाजपा के युवा एवं ऊर्जावान नेता एवं समाजसेवी कपिल मिश्रा एवं तजिंदर पाल सिंह बग्गा। इन तीनों की कहानी बड़ी ही रोचक एवं प्रेरणादायी है।

सावधान: सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को किया जा रहा गुमराह!

अगर इन्टरनेट पर उपलब्ध जानकारियाँ गलत हो या संस्थाओं से प्रेरित हो तब तो आपका ऐसे संस्थाओं के जाल में फसना निश्चित है और इसका एहसास आपको जब होगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी।

ABVP and RSS volunteers conduct door-to-door screening of residents in Mumbai

Volunteers of ABVP and RSS began door to door screening in slum pockets of Nehru Nagar in Mumbai, equipped with PPE sets and directed by doctors on board, and screened over 500 people in total in the last three days.

AMU की पाक ज़मीं से उपजा भारत के Secularism का रखवाला निर्देशक

अगर अनुभव सिन्हा एक एजेंडा से भरे निर्देशक नहीं बल्कि सचमुच दलितों के पक्ष कार एवं भला चाहने वाले व्यक्ति हैं तो क्या वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जिसके वह alumni रहे हैं में दलित आरक्षण के मुद्दे को उठाएंगे? क्या देश के अन्य विश्वविद्यालयों की तरह एएमयू जैसे विश्वविद्यालय में भी दलितों को आरक्षण का अधिकार नहीं?

Online Education: How real are the fears and the hopes

The effectiveness of the online studying/learning from the students' point of view will be critical because it would require students to be highly self motivated.