Thursday, December 3, 2020

TOPIC

Saffron Phobia

Does “saffron terror” exist?

Blaming RSS for Gandhiji's murder is like blaming Congress for the mass murder that took place during the partition. Just because Jinnah was a member of Congress between 1906 and 1926.

सेक्युलरिज्म का साँड़ अब लाल नहीं अपितु भगवा रंग देखकर खिसियाता है

हमने इस बार उसे नारा लगाने दिया। जब दो चार नारा लगाने के बाद वो हांफ गया और उसके फेफड़ों से सीं सीं की आवाज़ आने लगी तब हमने कहा, "सांस ले लो भाई, नहीं तो कहीं तुम्हारे लब आज़ाद हो गए तो तुम्हारे कामरेड बोलने लगेंगे, मूडी मस्ट रिजाइन, मूडी मस्ट रिजाइन"।

हिंदू आतंक को साबित करने का नया अड्डा नेटफ्लिक्स

किसी ने कहा है कि फिल्में (साहित्य) समाज का दर्पण होती है। अगर यह नॉरेटिव आज सेट हो गया तो आगे आने वाली पीढ़ी हमें सिर्फ हिंदू आतंकवादी के नाम से जानेगी।

Men in Blue will be in Orange: Cricket controversy

With change in cricket uniform's color (blue to saffron), Congress and SP are so blinded by their hate for Modi that they possibly even lost sight that they are questioning everything Indian.

Here is why these ten people are Hindu terrorists

These venom spreading social media vultures are as big threat to India's secularism as Modi.

Hindu Pilgrims & ancient holy Yatras- The new target of liberal intellectual mafias

Liberals' victim is the one who actually is a culprit.

Is Hindu a victim?

Hindus are certainly victim. Victim of their silent tolerance.

Will our academia be ever free of hypocrite liberals?

The seats of intellectual openness have become stifled where dissent is shouted down as saffronization and fascism by the left liberals.

उ.प्र. का योगी आरोहण: मात्र एक घटना से परे, इसके बहुआयामी प्रभाव

मोदीजी से भी ज़्यादा विरोध योगी आदित्यनाथ जी के विरोध में मीडीया में सैलाब उठ रहा है। क्या परिणाम उतने ही रोचक होंगे?

Latest News

प्राण व दैहिक स्वतंत्रता अनुच्छेद 21

हमारे सनातन धर्म की मूल भावना "जीयो और जीने दो" तथा "सभी जीवो को अपना जीवन अपनी ईच्छा से जीने का अधिकार है" में निहित है मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी अपने संपूर्ण जीवन काल मे प्रत्येक जीव के प्राण व दैहिक स्वतंत्रता को अमुल्य व सर्वोपरि मानकर प्रतिष्ठित किया

2020: An unprecedented, unpredictable, and uncertain year

Who could have imagined that the “unique 2020” would ironically turn into the most "unprecedented, unpredictable, and uncertain 2020" of historic proportions, perhaps not even worth remembering and writing about?

Mr. Ahmad Patel, they missed you!

Through the obituaries and condolences written by MSM journalists, one can easily see as to why these power brokers who used to enjoy the access to power corridors are so unnerved as they miss the absence of jugglers and conjurers in current regime.

गुपकार गैंग द्वारा रोशनी एक्ट की आड़ में किया गया 25000 करोड़ रुपए का घोटाला!

व्यवस्था का लाभ उठाकर 2001 से 2007 के बीच गुपकार गैंग वालों ने मिलकर जम्मू-कश्मीर को जहाँ से मौका मिला वहाँ से लूटा, खसोटा, बेचा व नीलाम किया और बेचारी जनता मायूसी के अंधकार में मूकदर्शक बनी देखती रही।

Death of the farmer vote bank

While in the case of a farmer the reform delivered double benefit but the political class faces double whammy, that of losing its captive vote bank that was dependent on its sops and secondly losing the massive income they earned as middlemen between the farmer and the consumer. Either the farmer is misinformed or wrongly instigated, otherwise it is impossible to conceive that any farmer should be actually unhappy or opposed for being given more choices, as to whom to sell their produce.

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गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के मध्य अंतर और हमारे इतिहास के साथ किया गया खिलवाड़

वास्तव में सनातन में जिस वर्ण व्यवस्था की परिकल्पना की गई उसी वर्ण व्यवस्था को छिन्न भिन्न करके समाज में जाति व्यवस्था को स्थापित कर दिया गया। समस्या यह है कि आज वर्ण और जाति को एक समान माना जाता है जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Pt Deen Dayal Upadhyaya and Integral Humanism

According to Upadhyaya, the primary concern in India must be to develop an indigenous economic model that puts the human being at centre stage.

Daredevil of Indian Army: Para SF Major Mohit Sharma’s who became Iftikaar Bhatt to kill terrorists

Such brave souls of Bharat Mata who knows every minute of their life may become the last minute.