Monday, June 1, 2020

TOPIC

Liberals' sympathy with Muslims

Rana Ayyub: A habitual liar

This journalist is notjust a liar but a sociopathic lair!

“नायकू कहो या मैथ टीचर” मगर अपराध की दो परिभाषाएं नहीं होतीं

क्रिमिनल्स का victimisation एक गम्भीर समस्या है। और ये सब सिर्फ वर्तमान के विवाद की समस्याएं नहीं हैं, ये राष्ट्र के भविष्य के चरित्र निर्माण की समस्याएं हैं। ये प्रश्न करती हैं कि आप अपनी अगले पीढ़ी को कैसे नायक देना चाहते हैं।

पालघर हत्या या द्वेष?

अख़लाक़ खान, पहलू खान कोई भी हो सबके लिए देशव्यापी रोष था, हैशटैग चले थे, सारी पार्टीयों में जैसे गुस्से का तूफान आ गया था, लेकिन साधुओं की हत्या पे चुप्पी बहोत कुछ बोलती है, भइया ये लोकतंत है और हम जनता है हम "भूलते" नही।

Confessions of a young liberal

A 'very nice' liberal boy falls for a rightwing girl! How would they get along? And some of the confessions of this liberal boy.

सेकुलरिज्म या दिखावा, धर्म के नाम पर व्यक्तिगत आजादी का हनन क्यों?

सेकुलरिज्म की आड़ में अपने अजेंडे सेट करने वालों के लिये यही सवाल खड़ा होता है कि क्या अब सभी को एक दूसरे के धार्मिक त्योहारों पर बधाई देना, उनकी ख़ुशी में शामिल होना, उनमे भाग लेना बंद कर देना चाहिए?

मैं और तथाकथित सेकुलरिज्म

मोदी हेटिंग में इतने अंधे हो चुके हैं की ना अपना भला दिख रहा है ना देश का. और अगर ये इनका सेकुलरिज्म है, तो ये सेक्युलरसिम इन्हे मुबारक.

India needs nationalism to save herself

Indian nationalism is unique because Indian nationalists include Hindus, Muslims, Christians, Sikhs, Jains, Buddhists, Jews and other tribes fighting brainwashed people of their own community.

मोदी जी से ईर्ष्या की पत्र राजनीति

तथाकथित बुद्धिजीवी ऐसी घटनाओं की प्रतीक्षा में रहते हैं जिससे ये राष्ट्र की छवि धूमिल कर सके। ये एक एजेंडे के तहत कार्य करते हैं। नागरिकों को अपने दायित्व को समझना होगा व आवेश में कानून का उल्लंघन करने से बचना होगा।

The Wire’s Monobina Gupta is pondering over the idea of a new Bangladesh, this time within India

Monobina Gupta, Managing Editor of The Wire, has exclusively written a piece assessing the possibility of linguistic 'Bangla nationalism' the key driver leading to the creation of Bangladesh, as a counter to what she calls 'Hindi-Hindu nationalism'.

Latest News

Action with speed and precision: PM Modi Part II

in second term PM Modi is working speedily with precision and for the aspirations of 130 crore Indians.

Regional Benches of Supreme Court in your Homes?

While reluctantly acknowledging that the resort to Videoconferencing by Supreme Court and High Courts may be the need of the hour, at this moment of time, it ought not to stay beyond a minute of its need.

साउथ कोरिया में संघ जरूरी क्यों

मैं विग़त 8 महीनो से साउथ कोरिया में रह रहा हूँ। यहाँ भारतीय लोगों की संख्या क़रीब 13 हज़ार हैं। पर एच॰एस॰एस न होने के आभाव में मैंने महसूस किया है, कि भारतीय लोग संगठित नहीं हैं। और संगठित नहीं होने के कारण लोग अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं।

Why is China so aggressive?

The Chinese Ox is in the China shop destroying China itself with it's desperate attempts to fool it's citizenry, and one way or other this will not end well for China.

Media: A stain on democracy

if media houses (considered as fourth pillar of democracy) really want to help migrant workers they should have done that and this crisis was got resolved till now, but what they worried for is just only for their so-called "prime time show reports".

Recently Popular

MNS bares its anti-Hindu fangs

Raj Thackeray’s haphazard attempt to relaunch his party as Hindu outfit has failed, leading to desperation and cheap politics.

साउथ कोरिया में संघ जरूरी क्यों

मैं विग़त 8 महीनो से साउथ कोरिया में रह रहा हूँ। यहाँ भारतीय लोगों की संख्या क़रीब 13 हज़ार हैं। पर एच॰एस॰एस न होने के आभाव में मैंने महसूस किया है, कि भारतीय लोग संगठित नहीं हैं। और संगठित नहीं होने के कारण लोग अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं।

In conversation with Nehru: On Savarkar’s mercy petitions

This conversation is only an attempt to present the comparative study of jail terms served by both Savarkar and Jawaharlal Nehru.

भगवान श्रीराम का वनवास जो 500 वर्षों के बाद समाप्त हुआ: श्रीराम मंदिर निर्माण की अनंत कथा

अंततः श्रीराम विजयी हुए, भारतवर्ष विजयी हुआ, हिन्दू विजयी हुए और इस संघर्ष में दिए गए सहस्त्रों बलिदान सार्थक हुए।

Ajaz Ashraf, of The Scroll, with his WRONG interpretation about a freedom fighter, says Savarkar justified the idea of rape as a political tool

Savarkar quotes Ravana saying, “What? To abduct and rape the womenfolk of the enemy, do you call it irreligious? It is Parodharmah, the greatest duty!” The actual text quotes in Sanskrit as राक्षसांनां परो; धर्म: परदारा विघर्षणम् However, what the Scroll writer conveniently ignores is “राक्षसांनां”. According to the quoted statement, it’s the duty of a demon/monster.