Monday, July 15, 2024

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JDU

Nitish ‘The सुशासन Babu’

Hope the Hindus and especially those who have suffered the most, see the current political scenario and judge for themselves if they are a friend of the Dalits and Mahadalits as they claim to be.

A visit to Mithila

My visit to Mithila after six to eight years revealed significant changes, particularly in the condition of the roads, which had greatly improved.

State of Bihar in pitiable state

The political leaders of Bihar and their murky leadership is getting immensely heavy and harsh to their innocent natives with no sign of relief or empathy.

बिहार का अतिदुर्भाग्य भाग-२

प्रथम अंक में हमने विवेचना की बिहार राज्य में सत्ता का सुख भोग रहे कुछ सत्ताविरो के मानसिक स्थिति और जनता के प्रति उनकी सोच और अवधारणा की। इस अंक में हम माननीय शिक्षा मंत्री के विषवमन का शिकार बने रामचरितमानस के दूसरे चौपाई के बारे में सूक्ष्म अवलोकन करेंगे।

बिहार का अतिदुर्भाग्य: भाग-१

कभी मगध और पाटलिपुत्र के गठजोड़ से दुनिया भर में अपने ज्ञान और सम्रद्धि से सम्पूर्ण विश्व को चकाचौंध कर देने वाला बिहार आज अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है।

What do the Bihar elections 2020 exit polls say?

The exit polls are out and it looks pretty clear that Bihar is going to see Tejaswi Yadav become its youngest-ever chief minister at the age of 31. Looking at the way the NDA media representatives reacted to the poll is a clear indication that they knew the results long back. Unlike the left ecosystem, the people who oppose the politics of the Congress or the RJD will not go out crying that the EVMs were hacked or 'the death of democracy' because of this result. Everyone will accept the verdict and will actually work towards getting ahead of it and winning the next election. And that is how a democracy should work.

मिले न मिले हम- स्टारिंग चिराग पासवान

आज के परिपेक्ष्य में बिहार का चुनाव कई मायनो में अलग है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री पारम्परिक राजनीती वाली रणनीति का अनुसरण कर रहे है तो वही युवा चिराग और तेजस्वी विरासती जनाधार को नए भविष्य का सपना दिखने का प्रयास कर रहे है।

बिहार में का बा

ये एक ऐसा सवाल है जो चुनाव ख़त्म होने के बाद अगले पांच साल हम जरुर पूछते है पर जब वोट डालने का समय आता है तब हम बिहार को भूल कर जातिवाद जैसे विभाजनकारी मानसिकता को चुन लेते है। इस मानसिकता को बदले बिना हम बिहार के विकास की कल्पना भी नहीं कर सकते।

बिहार की राजनीती और कोरोना वायरस से जंग

आप सोच रहे है इस महामारी की घड़ी के मै राजनीती की बात क्यों कर रहा हूँ तो आप पूछिए अपने आप से, क्या बिहार में राजनीती ही सबसे बड़ी महामारी नहीं है?

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