Thursday, May 6, 2021

TOPIC

Female Respect in the society

दोगलों की दुनिया

देवी के 9 रूपों की महिमा का बखान, देवी के जीवनदायिनी रूप से लेकर महिषासुरमर्दिनी स्वरूप की पूजा, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन 9 दिनों की शक्तिपूजा का ज़रा-सा भी असर हमारी जिंदगियों में दिखाई देता है?

क्या भारत की ‘दुर्गा’ वामपंथी पितृसत्तात्मकता को हरा पायेगी?

वामपंथी कभी लेनिन की, कभी मार्क्स की, कभी माओ की और कभी स्टालिन तथा फिदेल कास्त्रो की पूजा करते मिल जाएंगे पर क्या कभी किसी वामपंथी ने किसी महिला कामरेड का बुत्त लगाकर माला पहनाई है?

बराबरी की होड़ में,आधुनिकता की दौड़ में महिलाऐं!

बराबरी की होड़ में,आधुनिकता की दौड़ में,मेरी सहेलियों पीछे छूट रहा हमारा सच्चा अवतार है !

कौन जिम्मेदार…?

अपराधों में संलिप्त लोगो के साथ वह समाज भी उतना ही जिम्मेदार होता है जो छेड़खानी, लड़के-लड़कियों की आवारागर्दी और सरेराह बेशर्मी जैसी घटनाओं को सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ करता है,और फिर बलात्कार होने के बाद पूछता है की कौन जिम्मेदार....?

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते: यहाँ ईश्वर को भी सर्वप्रथम ‘त्वमेव माता’ का सम्बोधन दिया जाता है

समानता का नारा देकर नारी को पुरुष के स्तर पर लाने का प्रयास इस देश में वैसे ही है जैसे बड़ी लकीर को मिटाकर छोटी के बराबर कर देना। भारत में जहाँ नारी को स्वयंवर तक की स्वतंत्रता रही हो वहाँ स्वतंत्रता, समानता का नारा देना उसके महत्त्व को कमतर करने का ही दुस्साहस कहा जा सकता है।

Women’s empowerment under Modi Government

The presence of women at the highest level of decision making speaks a lot about women’s empowerment. Modi's Council of Ministers consists of 9 female ministers, of whom 6 hold the rank of Cabinet minister.

Misusing #MeToo

A fight between good and evil: people who want to protect and people who want to abuse has become a fight between Women VS Men.

Some side effects of patriarchy

Voicing your opinion has its own implications in Indian society. I am not here to garner accolades or sympathies. I believe every girl (feels...

Citizenship: Multiculturalism and Gender Identity

The relative status of women is still used to assess the progress of culture and is also a bench mark of modernity.

Secularization: Need of the hour for Indian Society

Instead of giving a stronger voice to the progressive Muslims in India, media has given more attention to the regressive ones, slowing down the pace of secularization and making Muslims mute spectators to the dominant narrative.

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