Friday, May 14, 2021

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Female dominance in Hindu culture

सुनो तेजस्विनी, सारे दिन तुम्हारे हैं

आश्चर्य है, स्त्रियों के जीवन में इतना व्यापक परिवर्तन होने के बाद भी, वामपंथ प्रायोजित नारी विषयक मुद्दे नहीं बदले, कविताएँ नहीं बदलीं और उनकी मांगें भी उसी कूप के मंडूक की तरह वहीँ कूदती रहती हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जहां से शुरू हुआ वहां तो भारत से सीख लेकर महिलाओं को काली रूप धारण करना चाहिए!

विद्या की देवी सरस्वती, धन की देवी लक्ष्मी, महारानी अवंतीबाई, विदुषी गार्गी, रानी लक्ष्मीबाई, महारानी झलकारी बाई, इंदौर की उदारमना शासक देवी अहिल्याबाई, गोंडवाना की शासक रानी दुर्गावती, रानी रुद्रम्मा देवी, रानी चेनम्मा, रानी और अनेकानेक उदाहरण हमारे समाज में मौजूद है।

Feminism movement- helping or hurting Bharatiya women?

Articles are written, conferences are organised, special programs and advertisements are on television and there are celebrations on women’s day all over the world, Sounds cool, doesn’t it?

Is application of western feminist logic to Indic practices justifiable?

Self styled feminists eagerly wait for occasions like Navaratri and Durgostsava to slander Indic virtues. But to what extent does this criticism holds ground is a matter of question which we need to address.

Breaking free from the chains of Islam

Tale of a Muslim lady of why she left Islam and how she found solace in Hinduism!

Violence awaits silence

Domestic violence not only indicates physical abuse, bruises, and wounds but mental scars, battering opinions, the crucifixion of freedom, and shredding identity as well.

पितृसत्तात्मक समाज से वामपंथी नारीवादियों का महायुद्ध

यदि समाज इतना ही पितृ सत्तात्मक था तो ब्रह्म वादिनी स्त्रियाँ कहाँ से आयीं? यदि समाज इतना ही पितृ सत्तात्मक था तो शंकराचार्य और मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ का निर्णायक भारती को क्यों बनाया गया?

Womanhood: An Indian perspective

The clear heart and aspiring mind of a modern woman makes the society an elated space and to be breathing the same air is an honour and privilege and calls for life line celebrating period.

Savitri Katha – A tale of a powerful woman

Savitri stood for everything which a modern feminist shall strive for. Independent, assertive, devotion, wisdom, intelligence, and a fighting spirit.

रचनाधर्मियों को गर्भस्थ बेटी का उत्तर

जो तुम्हें अग्नि परीक्षा देती असहाय सीता दिखती है, वो मुझे प्रबल आत्मविश्वास की धनी वो योद्धा दिखाई देती है जिसने रावण के आत्मविश्वास को छलनी कर इस धरा को रावण से मुक्त कराया.

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