Saturday, November 26, 2022

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sanatan dharma

सनातनियों के हेतु संदेश

कभी कभी औवेसी जैसे लोग भी आपको भविष्य की घटनाओं के इशारे दे जाते है, लेकिन आप अपनी सहनशीलता और तथाकथित शान्तिवादियों (जेहादियों के स्लीपर) के द्वारा रचे भ्रम जाल के चलते या तो समझ नहीं पाते, या फिर शुतुरमुर्गी समाधि में रत हो जाते हैं।

संसार की सबसे प्राचीन परिक्रमा ६०० वर्षों बाद पुन: प्रारम्भ

प्रतिवर्ष यह पावन वार्षिक परिक्रमा कार्तिक माह की देवोत्थान एकादशी से प्रारम्भ हो कर कार्तिक पूर्णिमा तक पांच दिनों की होती है। इस वर्ष की परिक्रमा १४ नवम्बर से १८ नवम्बर २०२१ तक सम्पन्न हो रही है।

A note to the left about our Indian values

In our tradition the prayer is hardly ever for one’s own happiness and prosperity. It is always for collective happiness and the removal of everyone’s distress.

Dharmic concept of “SARV DHARM SAMBHAAV”, rather than the western concept of secularism, might hold the keys to a peaceful future for humanity

It would be an infinitely better world if religious leaders across different faiths muster the courage of conviction to reform

आखिर ये विधर्मी हिन्दुओं/सनातन धर्मियों से इतनी नफरत क्यों करते हैं

अपना वाला पशुत्व वो सनातनधर्मियों में भी ढूँढने का प्रयास करते हैं और जब असफल हो जाते हैं तो नफरत से वशीभूत होकर कभी मिथ्या अपवंचना करके सनातनधर्मियों को बदनाम करने का प्रयास, कभी उनके देवी देवताओं की भद्दी तस्वीरें बनाकर उनको भड़काने का प्रयास या फिर उनके देवी देवताओं, आराध्यों, उनकी संस्कृति, भाषा, सभ्यता को अपमानित करने का प्रयास करते रहते हैं।

भारत एक सनातन राष्ट्र

धर्मनिरपेक्षता भारत का कोढ़ है तथा यह देश के उत्थान में एक कंटक है। इसे सनातन राष्ट्र घोषित करना आवश्यक है तथा इसमें विलम्व अत्यंत घातक हो सकता है। सत्य तो यह है कि यह एक नीति राष्ट्र के अनेकों समस्याओं का निराकरण स्वतः ही कर देगी।

The Eleventh of September: On the same date, two men with their ideologies left a mark in the human history

September 11 of 1893 saw Swami Vivekananda explaining the meaning of Sanatana Dharma to the world.

कोरोना: सीखने के लिए सबक

बेहतर पर्यावरण के लिए, कुछ सबक, सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार और आत्मानिर्भर भारत।

Understanding importance of family in conservation of Dharma

As Hindus, we often do not understand the significance of the family as a unit of society in protecting Dharma and keeping its principles alive.

Will the Sanatan Adarsha resurface now?

The root of Sanatan Adarsha is harmony and that there should be no rancour and hatred among different castes, classes and races.

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