Saturday, September 18, 2021

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Manusmriti

Stupidity with Manusmriti

For criticizing Hinduism, as a counter to the violent and xenophobic verses of the desert cult, people have even equated Manusmriti with Asmani Kitab.

मनुस्मृति और स्त्री

स्त्रियों को उचित प्रशिक्षण तथा सही मार्गदर्शन मिलना चाहिए ताकि वे अपना बचाव स्वयं कर सकें और गलत रास्ते पर भी न जाएं. स्त्रियों को चारदिवारी में कैद रखना महर्षि मनु के पूर्णत: विपरीत है.

मनुस्मृति और जाति प्रथा! सत्य क्या है? (part-2)

जन्म आधारित जातिव्यवस्था महर्षि मनु द्वारा प्रतिपादित समाजव्यवस्था का कहीं से भी हिस्सा नहीं है. जो जन्मना ब्राह्मण अपने लिए दण्डव्यवस्था में छूट या विशेष सहूलियत चाहते हैं – वे मनु, वेद और सम्पूर्ण मानवता के घोर विरोधी हैं और महर्षि मनु के अनुसार, ऐसे समाज कंटक अत्यंत कड़े दण्ड के लायक हैं

मनुस्मृति और जाति प्रथा! सत्य क्या है?

मनुस्मृति उस काल की है जब जन्मना जाति व्यवस्था के विचार का भी कोई अस्तित्व नहीं था. अत: मनुस्मृति जन्मना समाज व्यवस्था का कहीं भी समर्थन नहीं करती.

भारत में जातिवादी टकराव सच है या राजनीति

हाल के ही दिनों में दो प्रमुख घटनाएँ सामने आयीं है जिसे देख के लगता है की भारत में जातिवादी भावना भरी गई है ताकि हिन्दुओं में टकराव बना रहे और कुछ तथाकथिक धर्मनिरपेक्ष राजनितिक दल अपना प्रभाव और प्रभुत्व भारत में बना के रख सकें।

Caste education: Decoding caste system

There are numerous scripts which in detail explain how the Varna of a person should be determined based on the profession & nature of his living not based on birth.

Science in Hinduism: Big Bang Theory written in Hindu Scriptures

Read how Manusmriti, explains exactly what Big bang theory explained and in even a better way, as Big Bang theory is unable to answer.

Hindu scriptures have been a scapegoat for the socially constructed caste

Have a fact check before joining liberals for their favourite topic: Condemning Vedas and Manusmriti.

Why I will celebrate destruction of the Babri structure on 6th December

It was not demolition of a place of worship, but demolition of an ugly symbol.

Why burn the Manusmriti?

No doubt many of the laws of Manusmriti are antiquated and have no relevance today. It would indeed have been a big issue if there were an influential set of individuals actively demanding that it be made as the basis for governing the India of today.

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