इन आन्दोलनों की जिम्मेदारी राकेश टिकैत ने ली थी। इस हत्या का जिम्मेदार राकेश टिकैत को ठहराना गलत नही होगा, क्योकि जब से किसानो के नाम पर आन्दोलन शुरु किया है जब से हिंसा की खबरें ही आ रही है उच्च न्यायालय गहरी नींद मे सो रहा है।
क्या ये तथाकथित आंदोलनकारी इतने फौलादी हो गए हैं कि इनसे निपटने के लिए आपके तरकश में कोई तीर नहीं है। क्या मौलवी इतने ताकतवर हो गए हैं कि किसी भी फ्लाईओवर पर मजारों के नाम पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लें।
Sharad Pawar is at it again. Taking U-Turns! These days (since Modi’s advent), he is turning at such great speed, that if looked at from the top, he will resemble a fan, running full speed.
हमारे देश में जिसे भगवान का दर्जा दे दो वही सिर पर से मूतने लगता है, पहले डॉक्टर, न्यायाधीश को भगवान/माईबाप बोलते थे, आज के समय में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार इन्ही क्षेत्रों में है. #किसान अन्नदाता है इसलिए उसका धन्यवाद करना चाहिए.
विपक्ष के नेता पिछले ३ सालों के मोदी सरकार के सफल कार्यकाल से इस कदर बेहाल नज़र आ रहे हैं कि अब उन्हें "नकली दलित छात्र" की तर्ज़ पर "नकली किसान" भी बनाने पड़ रहे हैं.