Tuesday, October 4, 2022

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कोरोना

क्या “मानवता” ही हमारे समय की सबसे बड़ी अतिशयोक्ति है?

परिस्थितियों को देखने पर लगता है, “मानवता” ये शब्द अथवा तत्व ही हमारे समय की सबसे बड़ी अतिशयोक्ति है।

कोरोना काल में सेवा भाव के अतुल्य प्रतिमान गढ़ रहा RSS, युद्धस्तर पर राहत अभियानों में जुटे हैं स्वयंसेवक

चुनौती के लिए खुद को तैयार कर उसका समाधान एक प्रशिक्षित व्यक्ति ही खोज सकता है। संघ स्वयंसेवकों में इसी भाव का बीजारोपण करता है।

यक्षप्रश्न: अरविंद केजरीवाल की उस रसोई तक आजतक मीडिया क्यों नहीं पहुँच पाया?

यह विचारणीय है कि झण्डेवालान में सेवा भारती की रसोई को वही मीडिया दिल्ली सरकार की रसोई बना कर पेश करता है। जबकि वही दिल्ली का मालिक रोज चैनल्स पर आकर खुद का गुणगान करता नहीं अघाता।

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