Saturday, June 25, 2022

Opinions

जाति-धर्म के नाम पर बढ़ता उन्माद देश व समाज के लिए घातक

देश की राजधानी दिल्ली से लेकर के देश के अलग-अलग शहरों में रामनवमी व हनुमान जन्मोत्सव के धार्मिक जुलूसों पर पथराव के चलते जबरदस्त ढंग से हंगामा बरपा हुआ है, देश में धर्म पर आधारित राजनीति चंद दिनों में ही अपने अधर्म के चरम पर पहुंच गयी है।

आधुनिक भारत में आधुनिक सड़कों के जाल से विकास पथ की मज़बूत नींव रखते विकास पुरुष “नितिन गडकरी”

"'नितिन गडकरी" देश-दुनिया की एक ऐसी दूरदर्शी विचारों वाली शानदार शख्सियत हैं, जिनके लिए हमेशा जनहित, देशहित व आधुनिक भारत का निर्माण सर्वोपरि रहा है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर AAP सरकार कठघरे में!

शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ़ सिद्धू मूसेवाला की हत्या कानून व्यवस्था की हालत तो बता ही रही हैं, उससे भी बड़ा सवाल राज्य सरकार के उस फ़ैसले पर भी खड़ा हो गया हैं जिसमें सरकार ने अचानक से चार सौ ज्यादा महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा वापस ले ली.

Do we swear to destroy India?

India’s future is in your hands only, save her if you can.

Looking into the Gyanvapi Case, the Taj Mahal Controversy and the Qutub Minar Row, what’s inside?

Truth can be Hidden for some period of time but cannot be disappeared, it comes out one day! Hence, truth is always the winner.

Kichcha Sudeep contradicts his own statement on Hindi not being the National Language!

Celebrities like Kichcha Sudeep and politicians like Siddaramaiah and Kumarswamy who know Hindi quite well are provoking their own people against Hindi, limiting their prospects. Why?

“मैं विनायक दामोदर सावरकर बोल रहा हूँ”

अंडमान जाते हुए मुझे मेरी 16 वर्ष की आयु में ली गई प्रतिज्ञा आज भी याद की "अपनी मातृभूमि को दासत्व से मुक्त कराने की प्रतिज्ञा"।

The democratic dilemma of India

it is time for the left and liberal political parties in Kerala to shrug off their appeasement strategy and let the law administration authorities act upon these radical Islamists and put them under the bars.

The rise of Hinglish

When it comes to languages, we’re all familiar with English and even Hindi, but what about the new phenomenon- Hinglish?

भारत को भिखारियों का देश कहने वाला अमेरिका आज खुद भीख मांग रहा

सही वक्त पर लोकतंत्र ने सत्ता का परिवर्तन करके नकारे लोगों के हाथों से सत्ता लेकर एक राष्ट्रभक्त और भारत के जनमानस के जीवन को बारीकी से जीने वाले व्यक्तित्व के हाथों में सौंप दी और आज पूरा विश्व भारत के आगे नतमस्तक है।

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