अब तक, योजना - आत्मनिर्भर भारत पैकेज का हिस्सा - देश भर से 31,64,367 आवेदन प्राप्त हुए हैं (सिक्किम को छोड़कर, जो आधिकारिक तौर पर इसमें भाग नहीं ले रहा है)।
पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित राहत घोषणा “आत्मनिर्भर” पैकेज के बाद हालहीं में वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण ने प्रेस-कॉफ्रेंस कर फिर से एसएमएमई को पेकैज प्रदान करने की बात कही है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने स्टार्टअप्स और छोटे बिजनेस के लिए कई सरकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें अधिक संसाधन और अधिक विकास को गति प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत पात्र लोगों को अधिकतम 25 लाख रुपये तक का बिजनेस लोन मिलता है। हालांकि सबसे बड़ी शर्त यह है कि बिजनेस प्रोजेक्ट में निवेश होने वाले धन का 10 प्रतिशत हिस्सा खुद कारोबारी को अपने स्तर से लगाना होता है।
कुछ बिजनेस पर सरकार की तरफ से 50 प्रतिशत लोन उपलब्ध कराया जाता है तो वहीं एमएसएमई कैटेगरी के कुछ बिजनेस पर 90 प्रतिशत तक बिजनेस लोन मुहैया कराया जाता है।
2015 से पहले तक जहां सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक भी कल्याणकारी योजना नहीं थी।; वहीं 2015 में श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एमएसएमई सेक्टर के लिए कई कल्याणकारी योजनओं का संचालन किया जा रहा है। मुद्रा लोन योजना उन्हीं योजनाओं में से एक सरकारी योजना है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 2015 में शुरु हुई है। मुद्रा योजना में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) कारोबारियों को तीन कैटेगरी में 10 लाख तक का बिजनेस लोन बिना कुछ गिरवी रखें दिया जाता है।