Thursday, May 30, 2024

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RSSphobia

संघ कार्य व्यक्ति निर्माण का कार्य है, यह एक धीमी प्रक्रिया है, इसकी गति बढ़ाना सम्भव ही नहीं

संघ पर प्रश्न खड़े करने वाले निष्क्रिय निठल्ले और परिस्थितियों से विवश, नकारात्मक लोग हैं, भले ही वे #सक्रिय जैसे दिखते हैं। हजारों वर्षों के राष्ट्र जीवन में इनकी औकात ही क्या है? वेद, उपनिषद और गीता के सामने तुम्हारी एक किताब का अस्तित्व ही क्या है?

Is a polarized society bad?

It is the emergence, platforming and increased influence of these divergent non-left ideas that left accuses of creating a polarized society. Left would prefer if debates and conversations on mainstream media, social media and even our society in general happened within the ideological confines created by the left. The moment these boundaries are violated, the left screams polarization.

मुंबई के कांदिवली से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 10 स्वयंसेवक बैरंबाग के मुस्लिम बस्ती(रेड ज़ोन) में स्क्रीनिंग के लिए रवाना हुए

कई बार संघ के विरोधी भी देख कर दंग रह जाते है कि ये लोग किस मिट्टी के बने है हम इनका तिरस्कार करते हैं और ये देश सेवा में व्यस्त रहते हैं और संघ स्वयंसेवकों की प्रसंशा करने पर विवश हो जाते हैं।

Secularism around us

Secularism is what WE define: Liberals.

Fact check- Fake posts being spread about a ‘New Constitution’ in name of RSS chief Mohan Bhagwat

A fake propaganda is being spread to malign RSS and Dr Mohan Bhagwat, claiming India will soon have a new constitution. A book 'Naya Bhartiya Samvidhan', written by RSS.

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