Friday, February 26, 2021

TOPIC

Liberals problem with Narendra Modi

Smashing the false narrative on India’s Hindu movement

There is a narrative being pushed by ‘intellectuals’ in India that Modi and the Hindu movement in general pose a threat to this fundamental pillar of India’s Democracy. That narrative is laughable and deeply flawed.

Siddharth, India hasn’t changed. You have.

There is so much dishonesty in Siddharth claiming that he never used to be trolled but he has been viciously abused only since 2014. Sid may genuinely be deluding himself that the climate was awesome back then. But it barely was.

Why do we hate Ambani and Adani?

The first and the second richest persons in India have become a virtual punching bag for not only the anti-reformists but also for the entirety of the political left.

सर्वहारा और मोदी

हे वामपंथी लम्पटों! अपने एलीटिज़म से बाहर निकलों, ज़मीनी हक़ीक़त को समझों और काम की बात करों। वर्ना सर्वहारा तो तुम्हारा मार्क्सवादी यूटोपिया कब की नकार ही चुकीं हैं, कहीं ये न हो कि बची कूची मान्यता भी ख़त्म हो जाए और कॉलेज-यूनिवर्सिटी के बाहर कोई श्वान भी ना पूछे।

Farooq Abdullah interviewed by Thapar

Mr. Abdullah called Modi-Shah as fascists for abrogating article 370. He probably forgot that article 370 was abrogated not just by Modi and Shah but by majority in both houses of India's parliament after due discussion/debate and Indian President signed the bill.

Open letter to Mr. Julio Ribeiro

From the time BJP, despite all out efforts by vested interests from both within and outside the country to deny its well deserved entitlement, won the mandate of the people in 2014 there have been unwarranted apprehensions and antagonism in people like you.

उदारवादी या हिन्दू विरोधी?

लिबरल शब्द से तो ऐसा लगता है कि ये उदारवादी प्रवृत्ति के होंगे पर ऐसा नहीं है। ये अव्वल दर्जे के पाखंडी हैं जिनका एक मात्र काम है हिन्दू धर्म के खिलाफ टिप्पणी या कार्य करना। ये हर वो चीज़ का उपहास करेंगे जो हिंदुओं की भावनाओं से जुड़ी हुई हैं।

वामपंथ: “अ” से लेकर “ज्ञ” तक

चूंकि वामपंथी अराजकता का समर्थन करते हैं और उनका मानना है कि वर्तमान में जो तंत्र, जो व्यवस्था देश में है वह भ्रष्टाचार से लिप्त है और इसे उखाड़ कर फेंक देना चाहिए और नये सिरे से साम्यवादी सिध्दांतों के साथ नया तंत्र बनाना चाहिए।

यूट्यूब और कॉमेडी के मंच से लिब्रान्डुओं और वामपंथियों का हिन्दू विरोध का नया धंधा

भारत एक ऐसा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र जहाँ हिन्दुओं के विषय तो कुछ भी कहा जा सकता है किन्तु मुसलमानों और ईसाईयों के विषय में कुछ कहना तो दूर सोचना भी अपराध है। संविधान द्वारा प्रदान की गई पूरी फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन मात्र हिन्दू धर्म और सनातन में पूज्य देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणियां करने में उपयोग में लाई जाती है।

Corona and a new breed of social media intellectuals

Opposing an individual turned into opposing betterment of your own country and countrymen.

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