Friday, June 21, 2024

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Karwa Chauth and Feminism

करवा चौथ: लोक परंपरा, बाज़ार और नारीवाद

बड़ी संख्या में नवयुग की स्त्रियाँ दुविधा में है। करवा चौथ को हाँ कहें या ना कहें। हाँ कहती हैं तो पिछड़ी मानसिकता से बंधी मानी जाएँगी और ना कहती हैं तो विज्ञापनों में पसरा ते लुभावना ग्लैमर हाथ से जाता है।

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