Friday, July 19, 2024

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Hindi Diwas

अतुलनीय है हिंदी भाषा फिर भी उपेक्षा क्यों

वर्ष 1949 में हिंदी को हमारे देश में सर्वोच्च दर्जा प्राप्त हुआ और तब से हिंदी को हमारी राष्ट्रभाषा माना जाता है, भले ही हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दे दिया गया हो लेकिन आज भी वह अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। इस संघर्ष पर विराम क्यों नहीं लग रहा?

The enemy of Hindi

British govt considered the suggestion of making Hindi as more pragmatic and wanted to accept it in 1867, Sir Syed Ahmad Khan started opposing it and launched a campaign to make Urdu the second official language.

प्रिय हिंदी

हिंदी सांप्रदायिक व दलित विरोधी?

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