Wednesday, July 17, 2024



क्या आपने कभी सुना है कि, प्यार और युद्ध में सबकुछ उचित है”!

चाहे महाराणा प्रताप हो या छत्रपति शिवाजी महाराज या फिर गुरु गोविन्द सिंह, चाहे वो रानी दुर्गावती हो या रानी लक्ष्मी बाई या दुर्गा भाभी, चाहे वो नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हो या सरदार पटेल हो या स्व लाल बहादुर शास्त्री जी हो सभी ने धर्मयुद्ध का पालन किया।

Things change, and you can’t stop them!

Change can't be resisted, but can be managed. Unless that which needs to be changed is changed there remains a threat of revolution.

Riddles in the Risala-2: Challenging fanaticism in the name of One God

Scripture of Monotheism is monologue while that of Polytheism is dialogue. The latter one is not dogmatic.

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