Tuesday, March 9, 2021

TOPIC

Crimes Against Women

बस! अब और नहीं!

चाहे निर्भया कांड हो या कठुआ। उन्नाव की घटना हो या हाथरस। सब में मानवीय विकृति साफ झलकती है। इन घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाय, कम है।

Cannibals and vultures

Recent outrage over the rape happened in Hathras in UP again highlights the sick mentality of the perpetrators of the crime. Rape should be condemned with a unified voice and the culprits to be punished with highest possible in books of Law.

कौन जिम्मेदार…?

अपराधों में संलिप्त लोगो के साथ वह समाज भी उतना ही जिम्मेदार होता है जो छेड़खानी, लड़के-लड़कियों की आवारागर्दी और सरेराह बेशर्मी जैसी घटनाओं को सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ करता है,और फिर बलात्कार होने के बाद पूछता है की कौन जिम्मेदार....?

वोह डरती है

वोह लड़की है, वोह डरती है

Delhi crime & the brutalization of a society

Brutalization of society and individuals is a subject as old as the hills and in any history of the world we will find that it is the brutes that have dominated its pages, while the reconcilers are few and far between.

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