Wednesday, May 12, 2021
2 Articles by

Sarvesh Nagraha

रेगिस्तानी नागफनी

फ्रांस की दुर्घटना मानवता के नाम पर वो कलंक है जो आने वाले समय मे एक ऐसा मानक तो स्थापित कर ही देगा कि तथाकथित शांति समुदाय के शरणार्थियों को शरण देने के लिए कितनी बार सोचें या उनके बारे में सोचने की प्रक्रिया ही निरस्त कर दी जाए।

फर्जी चिल्लाहट

जिन्हें आप मजदूर कह रहे हो वो सनातन परंपरा के लघु एवं कुटीर उद्योग के सर्वेसर्वा थे, जिनके सपनों को लाल सलाम के गमछे में लपेटकर बेच दिया गया, अब इनकी संवेदनाओं को बेचकर बाज़ारवाद अपनी झोली भर रहा है।

Latest News

Recently Popular