Monday, December 5, 2022
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BINIT LAL

कोरोना संकट के बीच भारत का गुटनिरपेक्ष देशों को संबोधन: वैश्विक एकजुटता एवं वैश्विक प्रतिक्रिया पर बल

कोविड-19 महामारी से निपटने में देशों के बीच सहयोग स्थापित करने के लिए इस वर्चुअल सम्मलेन में प्रधानमंत्री ने कहा की “मानव आज कई दशको में सबसे भयानक त्रासदी का सामना कर रहा है.

वैश्विक नेता के रूप में मोदी का बढ़ता कद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए अपने एक-एक नागरिक की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए अधिकतम लोगों को यहाँ लाने में सफल हुए.

कोरोना की भयावहता और भारतीय कानून

भारत सरकार की जैविक प्रबंधन आपदा के 2008 रिपोर्ट में कहा गया की 1897 की महामारी कानून सक्षम नहीं है एवं इसे बदलने की जरुरत है. यह कानून केंद्र को जैविक आपातकाल के दौरान ज्यादा शक्ति प्रदान नही करता.

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