Saturday, September 25, 2021
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baatkadavihai

i am A writer, A poet, A lawyer. basically from rajasthan.

सनातन की रक्षा का अंतिम धर्मयुद्ध प्रारम्भ

हमारे पुरखों ने भी समय समय पर कभी राणा प्रताप बन कर तो कभी शिवाजी और गुरुगोबिंद सिंह बन कर धर्म और देश की रक्षा के लिये अपने प्राण तक लुटा दिये। और अब हमारी बारी है धर्म और देश की रक्षा करने की।

षड्यंत्र (सत्ता के लिये)

इस षड्यंत्र की शुरुआत हुई 2014 से। जब देश को अपने बापों की जागीर समझने वाले राजनीतिक घरानों और सबसे महत्वपूर्ण उन राजनीतिक घरानों पर अपनी वोट की एकता का दबाव डालने वाले तथाकथित अल्पसंख्यक समुदाय और उन अल्पसंख्यकों को राजनीति संरक्षण देने के लिये सत्ताधारी राजनीतिक घरानों को धन देने वाली विदेशी ताक़तों को एक अप्रत्याशित (unexpected) झटका लगा।

धार्मिक आतंकवाद

समाज का एक धड़ा है जो कि शकुनि और मंथरा से भी लाखों गुना कपटी और क्रूर है, जो धर्मनिपेक्षता, उदारवादिता और बुद्धिजीविता का नक़ली मुखौटा लगाये आपकी मानकिसकता पर क़ब्ज़ा कर आपके आत्मसम्मान और पहचान को अपंग बनाये बैठा है।

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