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राष्ट्रवाद: राममंदिर: शाहीनबाग

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राष्ट्रवाद: राममंदिर: शाहीनबाग

तथाकथित और स्वघोषित बुद्धजीवियों द्वारा देश के अंदर एक अलग ही माहौल बनाने की कोशिश की जा रही हैं, जैसे देश में गृहयुद्ध हो जाएगा, क्योंकि मुसलमान क्रोधित हैं और उनके साथ अन्याय किया जा रहा हैं। मोदी सरकार देश को डुबाये जा रही हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था के बजाय उसका सारा ध्यान राम मंदिर और अन्य धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा हैं। संघ और भाजपा देश के लोगों को गलत राष्ट्रवाद का घुटी पिला रहे हैं, जो देश को तोड़ने का काम कर रही हैं। तो आइए कुछ बात करते हैं इन्ही तीन बिन्दुओ पर।

शाहीन_बाग
CAA, NPR और NRC के विरोध में मुस्लिम समुदाय द्वारा जगह जगह आगजनी, देशविरोधी और हिन्दुविरोधी प्रदर्शन की गई जिसकी खूब आलोचना हुई, उसके बाद शाहीन बाग प्रोजेक्ट शुरू किया गया, जिसमें विरोध का तरीका एकदम उल्टा कर दिया गया।

पुरुषों की जगह महिलाओं को बैठा दिया गया, इस्लाम की जगह संविधान ने ले ली, और देशविरोध की जगह देशप्रेम दर्शाया जाने लगा।

दिखाने की कोशिश ये की गई कि CAA इस्लाम विरोधी कानून हैं, क्योंकि यह मुख्यतः प्रताड़ित हिन्दुओ, सिखों को भारतीय नागरिकता देगी, जो तीन इस्लामिक देशों से भारत मे शरण लिए हैं।

दरसअल, ये सारे विरोध प्रदर्शन किसी एक कानून के खिलाफ नही हैं, बल्कि मई 2019 में मोदी की जीत, ट्रिपल तलाक कानून, अयोध्या राम मंदिर जैसे मुद्दों को मिलाकर एकमुश्त गुस्सा फूटा है। इस्लाम की क्या ताक़त है यह जताने की कोशिश की गई हैं।

राष्ट्रवाद
कुछ लोग जब दूसरों को राष्ट्रवाद का ज्ञान देने बैठते हैं तो जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों का हवाला देते हैं, की असली राष्ट्रवाद वही हैं.. जिससे देश महानता की ओर जाते हैं, पर यह बताना भूल जाते हैं की वहाँ के लोगों के लिए सबसे पहले उनका राष्ट्र और राष्ट्रीय विरासत आती हैं, जिसपर वे गर्व करते हैं, वही उनकी विचारधारा होती है जो देशहित में हो।

जिन लोगो की विचारधारा राजनैतिक दलों और नेताओं की वजह से बदलती रहती हैं, और चाटुकारिता के लिए सुविधानुसार अपना मत बदल लेते हैं, उनपर सिर्फ हंसी ही आती हैं, उनके खोखले और कमजोर व्यक्तित्व पर।

राष्ट्रवादी विचारधारा की पहली मांग दूरदर्शिता होती है, जो शायद ही बुद्धिजीवी समझे जाने वाले लोगों में पाई जाती हैं।

श्री_राम_मंदिर
कुछ लोगों का कुतर्क होता है कि राम मंदिर के बनने से देश महान नही हो जाएगा, तो महाशय से पूछना चाहिए कि राम मंदिर ना बनाने से कौन सा महान हो जाएगा??

वैसी कौन सी संरचना वे खड़ा कर देंगे 67 एकड़ जमीन पर की देश विकसित हो जाएगा?

जिस देश को अपने इतिहास से, अपनी संस्कृति से जुड़ाव नही होता, उनकी उड़ान बुलबुले सी होती हैं। ऐसी मानसिकता वैसे ही लोगों में होती हैं, जिनकी जड़ें खोखली होती हैं।

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