Friday, February 26, 2021
Home Hindi -72वे गणतंन्त्र दिवस पर प्रधानमंन्त्री मनमोहन सिंह का राष्ट्र के नाम सम्बोधन!

[व्यंग]-72वे गणतंन्त्र दिवस पर प्रधानमंन्त्री मनमोहन सिंह का राष्ट्र के नाम सम्बोधन!

Also Read

Shailendra Kumar
Technical Architect by Job. Nationalist and rationalist writer on the topics related to common man and India.

मेरे प्यारे देशवासियो .. , भाइयो … और बच्चो…
बीता साल भारत के लिए और पूरी दुनिया के लिए अभूतपूर्व संकटो से भरा हुआ था। नेहरू जी और इंदिरा जी के बनाये एम्स से और सोनिया गाँधी जी के अथक प्रयासों से भारत कोरोना को काबू करने में काफी हद तक सफल रहा! संकट की इस घड़ी में मुस्लिम भाईयो को सहायता की अभूतपूर्व आवश्यकता है। तब्लीगी जमात जैसे तमाम मुस्लिम संगठनों धार्मिक सद्भाव ,शांति और भाईचारे का जो परिचय दिया है उसके लिए देेेश हमेशा आभारी रहेगा।

[[आगे की पंक्ति में बैठे हामिद अंसारी, ओवैसी ,केजरीवाल , मौलाना साद खड़े होकर तालियां बजाते है! रवीश कुमार , पुण्य प्रसून , स्वरा भास्कर की आँखों से आंसू छलक आते हैं]]

हमने कोरोना को खत्म करने के लिए सहायता देने के लिए WHO और वर्ल्ड बैंक को खत लिखा है। माननीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी और सोनिया गांधी जी के अथक प्रयासों से WHO भारत को चीन में बनी वैक्सीन की 30 करोड़ खुराक सस्ती दरों पर प्राथमिकता से देने को तैैयार हो गया है।
वैक्सीन की खुराकों को खरीदने के लिए वर्ल्ड बैंक मात्र 3% की दर से भारत को $10 बिलियन डॉलर (75 हज़ार करोड़) रुपए का कर्ज देगा।
प्यारे देशवासियों, हम नेहरू जी और इंदिरा जी के सिद्धांत पर चलते हुए देश के गरीब और मजदूर वर्ग को सस्ती दरों पर वैक्सीन देने के लिए रॉबर्ट वाड्रा जी की दवाई कंपनी को (PPP मॉडल के तहत) 35000 करोड़ रुपए की एडवांस भुगतान देंगे ताकि वो पूरे देश में वक्सीन स्टोरेज के लिए इंफ्रास्ट्रचर बना सके।

वाड्रा जी की कम्पनी पूरे देश मे सरकारी हस्पतालो और निजी हस्पतालो के साथ मिलकर टीकाकरण करेगी।
जिला लेवल और गांव के स्तर पर वैक्सीन लगवाने के लिए गांव के (कांग्रेसी) सरपंचों और नेताओं को आप (थोड़ा बहुत चाय पानी देना होगा)।

उसके बाद हमारी देश की 100% जनता को वैक्सीन मिले उसके लिए चीन की 4 कंपनियों के साथ रेहान वाड्रा और प्रियंका वाड्रा जी की कंपनी एक SPV बनाएगी ,जिसमे सरकार ५१% की भागिदार होगी और ५० हज़ार करोड़ का निवेश करेगी! इससे भारत में ३ लाख लोगो को रोज़गार मिलेगा। बंगाल की विषम स्तिथियों को देखते हुए बंगाल की बेरोज़गार जनता (रोहिंगयॉॉ “मुस्लिम” वोटर) को रोज़गार मिले इसके लिए संयंत्र और कंपनी भी बंगाल में लगायी जाएगी।

चीनी कंपनियां भारत को तकनीकी जानकारियां देंगी जिससे भारत अगले 20 वर्षों में कोरोना वैक्सीन बनाने में आत्मनिर्भर हो जाएगा। कोई भी (कांग्रेसियों के अलावा) वैक्सीन की कालाबाज़ारी न कर सकें उसके लिए सम्पूर्ण प्रशासन और जिला पुलिस को पहले से चौकन्ना कर दिया है।
आशा है २०२२ के ७३वे गणतंत्र दिवस पर हम कोरोना से मुक्त हो जायेंगे।

जय हिन्द!
प्रधानमंन्त्री मनमोहन सिंह

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

Shailendra Kumar
Technical Architect by Job. Nationalist and rationalist writer on the topics related to common man and India.

Latest News

Recently Popular

गुप्त काल को स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है

एक सफल शासन की नींव समुद्रगप्त ने अपने शासनकाल में ही रख दी थी इसीलिए गुप्त सम्राटों का शासन अत्यधिक सफल रहा। साम्राज्य की दृढ़ता शांति और नागरिकों की उन्नति इसके प्रमाण थे।

सामाजिक भेदभाव: कारण और निवारण

भारत में व्याप्त सामाजिक असामानता केवल एक वर्ग विशेष के साथ जिसे कि दलित कहा जाता है के साथ ही व्यापक रूप से प्रभावी है परंतु आर्थिक असमानता को केवल दलितों में ही व्याप्त नहीं माना जा सकता।

The story of Lord Jagannath and Krishna’s heart

But do we really know the significance of this temple and the story behind the incomplete idols of Lord Jagannath, Lord Balabhadra and Maa Shubhadra?

National Education Policy 2020: A policy for new India

The policy places a welcome emphasis on a holistic, learner centered, flexible system that seek to transform India into a vibrant knowledge society, rightfully balancing the rootedness and pride in India as well as acceptance of the best ideas and practices in the world of learning from across the globe.

Pt Deen Dayal Upadhyaya and Integral Humanism

According to Upadhyaya, the primary concern in India must be to develop an indigenous economic model that puts the human being at centre stage.