Monday, November 28, 2022

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Kamlesh Tiwari killed by Ismalic Fundamentalists

Free speech: The hallmark of civilization

Belief systems cannot be privileged. The arrest of Munawar Faruqi is deplorable, and so is the killing of Kamlesh Tiwari, more heinous though the latter action is.

उत्तर प्रदेश पुलिस और कमलेश तिवारी

कमलेश तिवारी की हत्या युपी पुलिस की साफ़ नाकामयाबी और 'समुदाय विशेष' के लोगों की तरफ लिबरलिज़म है।

कमलेश तिवारी का कत्ल पहला मामला नहीं, दुनिया भर में अभिव्यक्ति की आजादी दबाने में इस्लामिस्ट सबसे आगे

इस्लाम पर टिप्पणी करने पर किसी को देश निकाला मिला, कोई मार दिया गया , किसी के सिर पर करोड़ों का इनाम रख दिया. देश में अभिव्यक्ति की आजादी को क्यों दबाया जा रहा, अगर टिप्पणी की थी तो कमलेश ने जेल भी तो काटी थी

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