Wednesday, April 17, 2024
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rbjhalani

भारत की आत्मा निर्मल हृदय का अनुभव है, आतिश तासीर जी

अगर इस देश की आत्मा को समझना है, विनम्र बनिए, शिक्षार्थी की तरह श्रद्धा के साथ आइए, तभी इस राष्ट्र का ओर उसकी आत्मा का अनुभव आप कर पायेंगे, नहीं तो ऐसे ही अपना जीवन व्यर्थ समाप्त कर लेंगे.

An open letter to Karan Thapar

Is Mr. Thaper mistaken in understanding Mohan Bhagwat's speech or his hidden agendas not allowing him to see the limpid truth?

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