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उत्तर प्रदेश पुलिस और कमलेश तिवारी

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उत्तर प्रदेश पुलिस और कमलेश तिवारी

२०१५ में आजम खान का बयान आया। – यूपी पुलिस भांग खाके भंड
२०१५ में कमलेश तिवारी का उस संदर्भ में बयान आया। – यूपी पुलिस जागृत अवस्था में पाई गई।
२०१५ बिजनौर के मौलाना ने ५१ लाख का इनाम रखा सर कलम करने के लिए – यूपी पुलिस भांग ख़ाके भंड।
२०१९ सरस्वती महाराज का बयान आया हत्याकांड के बाद, मुकदमा दर्ज , यूपी पुलिस सक्रिय।
२०१७ आईएसआईएस के अतंकवादी गुजरात में पकड़े जाते हैं वो कमलेश तिवारी को मारने की साजिश रच रहे थे ,कुबूल भी किया, समाचार पत्रों में भी खबर आई लेकिन – यूपी पुलिस भांग ख़ाके भंड।

बंगाल में स्वयंसेवक के परिवार सहित हत्या, उसके विरोध में कमलेश तिवारी का प्रदर्शन- यूपी पुलिस सक्रिय।

यूपी पुलिस के अनुसार कमलेश तिवारी को पर्याप्त सुरक्षा दी गई शायद अदृश्य हो। हत्या करने वाले शांति दूत ने १५ बार चाकू से गोदा तो क्या किसी की चीख नहीं निकली या यूपी पुलिस भांग ख़ाके भंड।

एक शांति दूत के चाकू मारने की वजह से हाथ में चोट लगी एक शांतिदूत जबड़े के पास गोली से भी घायल हुआ, शायद गोली चलने की आवाज नहीं आयी क्योंकि यूपी पुलिस भांग ख़ाके भंड। (जिनको यह लगे की साइलेंसर लगा के गोली मारी गई तो विडियो प्रमाण हैं पिस्तौल ऐसे ही टेबल पर रखी हुई थी)।

खून से लथपथ हाथ लेकर दोनों कार्यालय से निकले (दोनों को चोट लगी थी) लेकिन यूपी पुलिस को वो दिखा नहीं जो तथाकथित सुरक्षा दे रही थी, यूपी पुलिस ख़ाके भंड।

पुरी दुनिया को पता था कि फलाने की शान में गुस्ताखी की एक ही सजा, सर तन से जुदा, सर तन से जुदा, फलाने की शान में गुस्ताखी करने वाले की हत्या वाजीबुलकतल है। यूपी पुलिस डीजीपी बिना जांच के व्यक्तिगत मामला की वजह से हत्या हुई कहने लगे यहां भी यूपी पुलिस धतूरा ख़ाके भंड।

शांति दूत बरेली, शाजाहनपुर, लखनऊ, नेपाल वापस यूपी से गुजरात चले गए लेकिन यूपी पुलिस गोला ख़ाके भंड।

गुजरात में पकड़े जाने पर यूपी पुलिस कह रही है कि हम दौड़ा रहे थे इसलिए तो एक जगह पर रुक नहीं पाए, भले ही गुजरात एटीएस ने पकड़े, लेकिन दौड़ा ने का नंबर तो हमें मिलना चाहिए लाओ भाई मेरी पीठ थपथपाई जाए।

अंत में एक ही बात यूपी पुलिस ______ ख़ाके भंड।

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