Saturday, June 6, 2020
Home Hindi कांग्रेस के इस षड्यंत्र से मोदीजी अनजान हैं क्या?

कांग्रेस के इस षड्यंत्र से मोदीजी अनजान हैं क्या?

Also Read

RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.
 

2 अप्रैल 2018 को कांग्रेस पार्टी एवं उसके कुछ अन्य सहयोगी दलों द्वारा प्रायोजित “भारत बंद” मे कम से कम 12 निर्दोष देशवासियों की जान चली गयी है. लेकिन कांग्रेस पार्टी के नेताओं को इससे क्या मतलब है.

कभी नकली किसान आन्दोलन, कभी नकली दलित आन्दोलन और कभी करनी सेना का आन्दोलन, जैसे प्रायोजित षड्यंत्र करके कांग्रेस पार्टी अपनी बौखलाहट का बेशर्म प्रदर्शन करती आई है. इसके चलते अगर निर्दोष लोगों की जान भी चली जाये तो उससे कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को कोई फर्क नही पड़ता है.

जब यह लोग इस तरह की नौटंकी करते हैं तो इतनी मूर्खता के साथ करते हैं कि तुरंत ही पकड भी लिये जाते हैं. कल का भारत बंद सिर्फ भाजपा शासित राज्यों मे ही हुआ. जिन राज्यों मे भाजपा की सरकारें नही हैं, वहां यह “भारत बंद” क्यों नही हुआ? क्या वहां दलित नही हैं? इसका सीधा सीधा मतलब यही है कि यह सारी नौटंकी कांग्रेस द्वारा प्रायोजित साज़िश का एक हिस्सा थी.

सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं जिनमे एक ही आदमी “करनी सेना के आन्दोलन” मे राजपूत बना हुआ है और वही आदमी भारत बंद मे दलित बना हुआ है. कांग्रेसी गुंडे कभी नकली किसान बन जाते हैं, कभी करनी सेना के गुंडे बन जाते है और कभी भारत बंद कराने के लिये दलित बन जाते हैं. कुछ भी करना पड जाये, बस किसी तरह अगले साल 2019 मे होने वाले चुनावों मे मोदी जी हार जाएं और इनकी जीत हो जाये ताकि जिस तरह से यह देश और जनता को पिछले 60 सालों से लूटते आये थे, उसे आगे भी लूटने का मौका मिल जाये.

पाठकों को यह अच्छी तरह याद होगा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रिय मंत्री मणि शंकर अय्यर पाकिस्तान गये थे और वहां जाकर यह अपील की थी कि मोदी को हटाने मे पाकिस्तान उनकी मदद करे. पाकिस्तान हैरान था उनकी इस देशद्रोह की हरकत पर. लेकिन जब अपील कर ही दी गयी तो कुछ ना कुछ तो करना था.

कुछ ही दिनो बाद पाकिस्तान के एक बहुत बड़े राजनीतिक रणनीतिकार और विश्लेषक सैयद तारिक पीरज़ादा के नाम से चल रहे ट्वीटर अकाउंट पे 25 अगस्त 2015 को एक ट्वीट आया। उसमें अय्यर जी की समस्या का हल बता दिया गया. ट्वीट था- ”मोदी को हराने का सिर्फ एक ही तरीका है और वह यह कि हिन्दुओं को जात-पात के आधार पर बांट दिया जाये.”

 

अब इसे संयोग कहें या क्या कि तब से ऐसा ही चल रहा है. इन लोगों के हौसले और भी अधिक बुलंद होते जा रहे हैं और जब भी कोई चुनाव सर पर होता है, कोई ना कोई आन्दोलन या बंद प्रायोजित कर देते हैं. इन सभी आंदोलनो मे आदमी या कहिये कि अभिनेता वही होते है. बस जरूरत के हिसाब से कभी वे किसान बन जाते हैं, कभी करनी सेना के राजपूत बन जाते हैं और कभी वे दलित बन जाते हैं.

देखा जाये तो यह कांग्रेस की चाल है. कांग्रेस यह चाहती है कि दलितों को बदनाम करके वह दलितों और गैर दलितों को अलग कर दिया जाये ताकि हिन्दुओं के वोट बैंक का बंटवारा हो जाये. करनी सेना के आन्दोलन के जरिये राजस्थान उपचुनावों मे जो सफलता कांग्रेस को मिली है और इसी देश विभाजन की नीति के चलते कुछ सफलता गुजरात मे कांग्रेस को मिली है. इन छोटी मोटी सफलताओं से कांग्रेस को यह लग रहा है कि पाकिस्तान का सुझाया गया फॉर्मूला रामबाण है और उसकी 2019 की नैया भी पार करा देगा.

  Support Us  

OpIndia is not rich like the mainstream media. Even a small contribution by you will help us keep running. Consider making a voluntary payment.

Trending now

RAJEEV GUPTAhttp://www.carajeevgupta.blogspot.in
Chartered Accountant,Blogger,Writer and Political Analyst. Author of the Book- इस दशक के नेता : नरेंद्र मोदी.

Latest News

The contact tracing AI

As the world contemplates a ‘new’ normal as nations around the world ease their lockdowns and allow people outdoors more than before, much of the world is pinning its hopes on the laborious ‘contact tracing’ process that could make identifying potential exposure more efficient.

The life and journey of Yogi Adityanath

As Yogi continues to redefine development politics in this country, his opposition will rise but if he continues to be in the path he is, the opposition will fail tremendously. At the end of his career, when he will look back, he will find a chapter on himself in the book of Indian Politics.

आत्मनिर्भरता का मैला आईना और वर्तमान जीवनशैली

कभी सोचा आपने हमारी आने वाली पीढ़ी का क्या होगा? हमारे ये नन्हे बच्चे जो नाश्ते के नाम पर मैगी, पोये, मैदे की रोटी, पिज्जा, बर्गर, एसी, मोबाइल और उससे ही ऑन लाईन स्टडी और मनोरंजन और इस सब बकवास का ऑनलाइन पेमेंट भी..

Can we boycott Chinese in India?

A practical opinion on the recent demand for boycotting Chinese products, its reception on social media, and a possible way forward amidst ceaseless attacks from opposition

पंडित नेहरू की गलतियां जिसे आज भी भुगत रहा हिन्दुस्तान

1962 की हार सेना की हार नहीं थी बल्कि राजनैतिक नेतृत्व की हार थी। राजनैतिक नेतृत्व में गलतियां की थी इसकी वजह से हुआ था। 1962 में चीन के साथ युद्ध से ठीक पहले यही हो रहा था। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और जनरल थिमैया से जुड़ी हुई कहानी है।

Human trafficking problem in India & the road ahead

In this article, we will analyze the scary situation in India and counters to it.

Recently Popular

The journey of anti-CAA virus in the U.S.: A tale of three cities

Kshama Sawant, a Hindu immigrant embraces Hindu phobic ideology and lead an anti-India campaign to seek a stage for her future political dreams.

Differences between natural religions and reactionary religions

It is the distinction between idol worshipers and idol smashers, the distinction between cow worshipers and beef eaters,the distinction between Devi worshipers and women offenders, the distinction between the sacredness of marriage and the system of Halala.

SATYAN NASTI PARO DHARMA: An answer to Fatima Khan

Crypto-coded language used by writer is indicative of the fact that the involved forensic expert is biased, his report can be directed against one community and union HM is probably a partition .

Were Kashmiri Pandits cowards to have left Kashmir in 1990?

Had Kashmiri Pandits capitulated and chanted “Azadi”, India would have lost Kashmir there and then. Mull over it.

Corona and a new breed of social media intellectuals

Opposing an individual turned into opposing betterment of your own country and countrymen.