चलो “ईलू” के साथ उड़ान भरे

प्यारे दोस्तों,

आप लोगों ने आज तक मेरे व्यंग्य लेखों और कविताओं को जो प्यार दिया, उसका मैं तहे दिल से आभारी हूँ। मेरी पहली किताब “लंकापति का लोकतंत्र” की जिस तरह से आपने सरहाना की, उसे पढ़कर तो मैं भाव विभोर हो गया। लंकापति का लोकतंत्र के बाद मिठाई, लालसा और हत्या भी प्रकाशित हुई, जिसे आप लोगों ने पढ़ने और काबिले तारीफ समझा।

सितंबर महीने में मेरी नई किताब “ईलू” प्रकाशित हुई है। ईलू एक चिड़िया की कहानी है जो अपने पिता चीनो के साथ मसूरी की वादियों में रहती है। ईलू एक समझदार और होनहार पक्षी है, जो अपने पिता से बहुत प्यार करती है और चीनो भी अपनी बेटी ईलू से बहुत प्यार करता है। ईलू स्कूल फ्लाइंग चैंपियनशिप के लिए तैयारी कर रही है, जहाँ उसका कम्पटीशन कपिलो के साथ है।

कपिलो एक बदतमीज और अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद है जो बहुत ही घमंडी है। कपिलो इस साल किसी भी हाल में चैम्पियनशिप ईलू से जीतना चाहता है। ईलू चैम्पियनशिप से ठीक पहले लापता हो जाती है। चीनो अपनी बेटी की तलाश में पुलिस स्टेशन से लेकर कपिलो के घर  तक का चक्कर लगा आता है लेकिन ईलू का कहीं – कोई पता नहीं चलता है।

बाप – बेटी के मासूम रिश्तें को मैंने बड़े प्यार से इस किताब में उतारा है जिसमें मार्लो और कपिलो खुशियों और मजाक का तड़का लगाते हैं। अब आपके लिए मैं पूरी किताब तो यहाँ छाप नहीं सकता लेकिन अमेज़ॉन पर मात्र ९९ रुपये देकर, आप किताब पढ़ सकते हैं। पढ़ने के बाद किताब पर ऑनलाइन रेटिंग और कॉमेंट देना मत भूलिएगा

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