“केजरीवाल की गुफा” में होते हैं ऐसे अपराध !

अभी तक लोग गुरमीत बाबा राम रहीम की “सीक्रिट गुफा” में किये जाने वाले काले आपराधिक कारनामों के बारे में भूल भी नहीं पाए थे, एक ऐसी ही दूसरी गुफा का हाल ही में खुलासा हुआ है.

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए केजरीवाल की उस “सीक्रिट” गुफा के बारे में बताया है, जहां वह अपने सभी दुष्कर्मों को बखूबी अंजाम देते हैं. अभी हाल ही में जब दिल्ली के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी अंशुल प्रकाश पर केजरीवाल की पार्टी के कुछ विधायकों और अन्य नेताओं ने गुंडागर्दी का अभूतपूर्व परिचय देते हुए , उन पर जानलेवा हमला किया तो वह आपराधिक घटना को इसी गुफा में अंजाम दिया गया. ताकि इस गुफा में किये गए आपराधिक कारनामे कानून की पकड़ में न आ सकें, इसीलिए यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस गुफा में कोई सी सी टी वी कैमरा नहीं हो.

हम सभी ने हिंदी फिल्मों में कई बार देखा है कि जब भी खलनायक, फिल्म के नायक या नायिका को पकड़कर उसे अपनी “सीक्रिट गुफा” में प्रताड़ित करता है तो उसकी “मजबूरी” और “बेबसी” का मज़ाक उड़ाते हुए खलनायक जोर जोर से राक्षसी अट्टहास लगाता है . ठीक उसी अंदाज़ जब आम आदमी पार्टी के कुछ गुंडे जब दिल्ली के वरिष्ठतम प्रशासनिक अधिकारी को घेर कर मार रहे थे, तो उस वक्त केजरीवाल और सिशोदिया बेशर्मी के साथ ठहाके लगा रहे थे. स्वतंत्र भारत की राजनीति
में संभवत यह सबसे अधिक शर्मनाक घटना है जिसके लिए दोषियों को जितना भी कड़ा दंड दिया जाए, कम ही होगा.

केजरीवाल के निजी सलाहकार (जिनकी नियुक्ति में लेफ्टिनेंट गवर्नर या केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है) वी के जैन ने कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने इस सारी आपराधिक वारदात का विस्तार से ब्यौरा दिया है, जो अपने आम में एक कानूनी सुबूत है. अपनी आदत के मुताबिक़ केजरीवाल अपने इस अपराध को भी भाजपा की साजिश बता रहे हैं मानो भाजपा ने फ़ोन करके चीफ सेक्रेटरी को रात के १२ बजे उस सीक्रिट गुफा में बुलाया हो. लेकिन अपनी आखिरी साँसे गिन रही दिल्ली सरकार अब देश की जनता, पुलिस और कानून को कब तक बेबकूफ बना पाएगी, यह देखने वाली बात है.

जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भी हैं जहां ईमानदार अधिकारी गुंडों-बदमाशों और देशद्रोहियों को चुन चुन कर ठिकाने लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली जैसे राज्य भी हैं जहां इसके बिलकुल विपरीत हो रहा है और यहां पर गुंडे-बदमाश नेताओं के चोले में ईमानदार अधिकारियों को घेर घेर कर अपने गुप्त ठिकानो पर आधी रात को तबियत से पीट रहे हैं.

इस सारे मामले में सबसे बड़ा सवालिया निशान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर लग रहा है. उत्तर प्रदेश में जब सारे गुंडे-बदमाश और देशद्रोही अपने गले में तख्तियां लटकाये घूम रहे हैं कि हमें जेल में बंद कर दो और हम लोग अब आगे से अपराध नहीं करेंगे, वहीं इस तरह का खौफ दिल्ली पुलिस कायम करने में पूरी तरह नाकाम रही है. दिल्ली में गुंडे-बदमाश और देशद्रोही न सिर्फ खुल्ले और बेख़ौफ़ घूम रहे हैं, बल्कि वे दिल्ली के सबसे सीनियर आई ए एस अधिकारी की बेशर्मी से पिटाई तक कर डालते हैं.

दिल्ली पुलिस को तुरंत सभी तरह का दबाब और लिहाज़ छोड़कर उस “सीक्रिट गुफा” में मौजूद सभी लोगों की गिरफ़्तारी करके उन सभी के लिए ऐसी कड़ी सजा की व्यवस्था करनी चाहिए जिसे देखकर आगे से किसी अपराधी की ऐसे अपराध करने की हिम्मत न पड़े.

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