नकली नोटों के पीछे का सच

दिनाँक 22 फ़रवरी, 2017 को मीडिया द्वारा यह ख़बर चलायी गयी कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के ATM से ₹2000 के चार नकली नोट निकले। ख़बर की पुष्टि किये बिना ही विपक्ष के नेताओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया पर निशाना साधना शुरू कर दिया। इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके अनुचरों ने प्रधानमंत्री को ‘चूर्ण छाप’, ‘पापी’ और ना जाने क्या क्या कह डाला। श्री केजरीवाल पूर्व IRS रह चुके हैं, और उनकी अज्ञानता को देखकर लगता हैं कि शिक्षित व्यक्तियों का राजनीति में होना या नहीं होना अप्रभावी हैं।

आइये, अब बात करते हैं मनोरंजन बैंक/चिल्ड्रन बैंक ऑफ़ इंडिया के नोटों के पीछे के सच की:

हर देश में बच्चों के खेलने के उद्देश्य से नकली नोट खिलौने बनाने वाली कम्पनियां बनाती और बेचती हैं। इसके अलावा नोट के डिज़ाइन में कई अन्य वस्तुएँ भी बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हैं।

रिज़र्व बैंक द्वारा नोट कड़ी सुरक्षा और उच्च मानकों के आधार पर छापे जाते हैं। रिज़र्व बैंक द्वारा संचालित प्रेस कोई आम प्रेस नहीं होती जहाँ कुछ भी कैसे भी छापा जा सकता हैं, इसलिए ये मान लेना कि रिज़र्व बैंक चिल्ड्रन बैंक के नाम से नोट छापेगा, इसे मूर्खता ही कहा जाएगा।

अब प्रश्न यह हैं कि आखिर ये नोट ATM में कैसे पहुँचे? यहाँ यह बताना आवश्यक हैं कि ATM में नोट डालने की जिम्मेदारी सम्बंधित बैंक और उसकी पूर्व निर्धारित शाखा के प्रबंधक की होती हैं, ना कि RBI अथवा प्रधानमंत्री की। ATM में ना केवल नए नोट बल्कि जनता द्वारा जमा किये गये नोट भी भरे जाते हैं। ये चूरन छाप नोट भी बैंक के किसी ग्राहक द्वारा ही जमा किये गए और कैशियर की लापरवाही की वज़ह से ये ATM तक पहुँचे। चूँकि ₹2000 के नोट हाल ही में छपे हैं और लोग पुराने नोटों की तरह इन्हें परखने के अभी आदी नहीं हुए हैं इसलिए यह सम्भव हैं कि नकली नोट चलन में आ गए हो; परन्तु बैंक अधिकारियों का लापरवाह होना आश्चर्यपूर्ण हैं।

अब यदि आपके साथ ऐसी चोट हो जाये तो इसका उपाय क्या हैं? दो उपाय हैं, एक आसान और दूसरा सही।

पहला आसान उपाय, आप मीडिया को ख़बर दे और हंगामा खड़ा कर दें।

दूसरा उपाय, ATM से नोट निकालकर उन्हें परख लें, यदि नोट नकली हैं तो ATM की रसीद संभाल कर रख लें और सम्बंधित बैंक शाखा से सम्पर्क करें। हालाँकि शाखा प्रबंधक मुकर जाएंगे कि ये नकली नोट उनके ATM से निकले हैं; तो आप उन्हें ATM की डाटा-शीट निकलने को कहें। इस डाटा-शीट में कौनसे ट्रांसक्शन में किस सीरियल नम्बर के नोट निकले हैं, इसका लेखा-जोखा होता हैं। इस तरह आप अपने को नुकसान होने से बचा सकते हैं।

आप से यहीं निवेदन हैं कि सतर्क रहें, सीखते रहें और दुष्प्रचार करने वाले लोगों से दूर रहें।

“Nothing in all the world is more dangerous than sincere ignorance and conscientious stupidity”. -Martin Luther King Jr.

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