वामपंथी तथा पश्चिमी शिक्षा-व्यवस्था : अलगाववादी राजनीती की मूल जड़

“भारत तेरे टुकड़े होंगे ….”, “हमें चाहिए भारत से आजादी ……”, “ भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी ….” आदि नारे लगाने लगे तो भारत की अस्मिता तथा अखंडता को अन्दर से ही खतरा हो जायेगा तथा सोवियत यूनियन की तरह हमारे देश के टुकड़े होने से भी कोई नहीं रोक पायेगा |