Monday, July 13, 2020

Featuredarticles

सुनो तेजस्विनी, ब्रा स्ट्रैप में मत उलझो..

उदारवादी और वामपंथी महिला समूहों ने ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया मानो, ब्रा स्ट्रैप छुपाने के लिए टोका जाना ही आज की लड़की के जीवन की सबसे बड़ी समस्या है।

The Mafia and the anti-Hindu Propaganda; all in the name of Sushant Singh Rajput

Quite interestingly when the impact of underworld on Bollywood is reducing, intellectual terrorism is increasing in various forms.

Terrorism, intolerance and the like: Active role of algorithms

How social media and its algorithms are giving their best to damage the youth by making them radicals!

Why China, why?- The various explanations on what prompted the Chinese incursions in Ladakh

The purpose behind the Chinese orchestration of the standoff in Ladakh was in all likelihood to coerce India into exercising restraint in relation to its development of infrastructure near the LAC and to safeguard the China Pakistan Economic Corridor from any prospective Indian threat.

वह फ़ैसला जिसने रातों रात बदल दी इंदिरा गांधी की तस्वीर; इमरजेंसी की घोषणा में राज नारायण बनाम इंदिरा गांधी केस का बड़ा हाथ

24 जून को और 25 जून 1975 को देशभर में इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा कर दी। देश के इतिहास में यह अबतक का सबसे कठोर निर्णयों में सबसे ऊपर था।

सत्ता की भूखी कांग्रेस भारत विरोधी हो जाए तो आश्चर्य न किया जाए; कांग्रेस की कुंठा का विश्लेषण

2014 के बाद से कांग्रेस सत्ता से दूर हो जाती है और यह ध्यान देने योग्य विषय है कि सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस, सत्ता में रहने वाली कांग्रेस से अधिक घातक हो जाती है।

चीन और पाकिस्तान का भारत पर सर्जिकल स्ट्राइक: एक बार नहीं कई बार

जब चीन के सामानों के बहिष्कार की लहर चल रही थी तो अपने ही देश के कुछ लोग चीन की वफादारी में लगे थें। हाँ ये बात अलग है कि अब वैसे लोग जेल जा रहे है जो अच्छी बात है।

वामपंथियों का दोहरा चरित्र और अमेरिकी हिंसा

एंटीका फासिस्ट सरकारों के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करता है और हास्यास्पद बात यह है की एंटीफा एक रेडिकल वामपंथी समूह है। इस बात से यह तो अंदाजा हो ही जाता है की यह कितना शांतिपूर्वक प्रदर्शन करता है। जहां-जहां पर वामपंथी शांतिपूर्वक प्रदर्शन का ढोंग करते हैं वहां पर हिंसा अपने चरम स्थिति पर होती है।

तीन ऐसे लोग जिन्होंने बताया कि पराजय अंत नहीं अपितु आरम्भ है: पढ़िए इन तीन राजनैतिक योद्धाओं की कहानी

ये तीन लोग हैं केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी, दिल्ली भाजपा के युवा एवं ऊर्जावान नेता एवं समाजसेवी कपिल मिश्रा एवं तजिंदर पाल सिंह बग्गा। इन तीनों की कहानी बड़ी ही रोचक एवं प्रेरणादायी है।

Unprecedented Covid-19 health crisis: The trial and tribulations of the Global Economy

The policymakers have to play a significant part in relaxing the restrictions in such a manner that at the one end, steepness of crisis is brought to baseline while on the other end; economic functions are alleviated with proper credit security by the government.

Understanding Modiphobia

Modiphobia is something which has become a mainstream school of thought, at this point of time. It has acquired a status that has turned out to be worthy enough for a deep academic research.

Building gender inclusive cities

Time and again women are constantly troubled by the fear of violence while using public spaces but what they actually jeopardy is essentially the opportunity of experiencing the civic life and being able to participate in city.

एकतरफा धर्मनिरपेक्षता (सेकुलरिज्म) की मृग मरीचिका

भारतवर्ष का लोकतंत्र ही ऐसा है कि यहाँ हिंदुओं को अपने अधिकारों की प्राप्ति के स्वयं युद्ध करना होगा। इसके लिए आवश्यक है हिंदुओं का संगठित होना। हिन्दू एकता ही महान भारतवर्ष के निर्माण का पहला और आखिरी समाधान है।

Hindiहिन्दी में
ऑपइंडिया के लिए आपके लिखे लेख

इत्तेफ़ाक देखिए जिस बोर्ड ने उन्हें टीम में नहीं दी जगह आज उसी बोर्ड के वह प्रेसिडेंट बनें बैठे है; दादा के जन्मदिन पर...

प्रिंस ऑफ कोलकाता से लेकर क्रिकेट के सबसे बड़े पद पर काबिज़ होना; हर मामले में दादा बेजोड़ है। जिनका कोई जोड़ नहीं।

कौन हैं शिव!

भारत में प्रेम का प्रतीक हैं अर्धनारीश्वर शिव! शिव स्त्री-पुरुष की समानता और सहधर्मिता के प्रतीक हैं। शिव एक पुरुष हैं जो स्त्री को अपनी शक्ति मानते हैं।

जातिगत आधार पर कुख्यात अपराधी विकास दुबे की पैरवी करने वाले लोगों को कुछ तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए

आप जिसे अपना ब्राह्मण भाई समझ कर शेर बता रहे हैं या उसके अपराधी बनने के पीछे सिस्टम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, आपके उसी शेर विकास दुबे ने जितनी हत्याएं अब तक की है उनमें से 80% ब्राह्मण ही हैं।

तुम मुझे जानते नहीं, मैं कौन हूँ

इस बात की खुशी है की आज, ६० साल “तुम मुझे जानते नहीं” वालों ने राज करने के बाद, "आप तो मुझे जानते हो" को मौका तो मिला। पर एक बात का डर अभी भी सताता है। कहीं फिर कोई "तुम मुझे जानते नहीं" का कोई बेटा या पोता फिर से हमारी जिन्दगी को इमरजेन्सी मे झोंकने या बोफ़ोर्स scam करने ना आ जायें।

क्या आप हर चैनल पर रविश कुमार के क्लोन झेल पाएँगे?

एक सामान्य नागरिक होने के नाते में विशेष कुछ कर नही सकता देश के लिए! इतना ज़रूर है की जो लोग देश...

जाति व्यवस्था वर्ण व्यवस्था एवं प्रचलित वैचारिक विष

जाति व्यवस्था पर हमारे समाज में अत्यधिक भ्रम उत्पन्न किया गया है। इतने वर्षों के घोषित अघोषित दासता काल में हिन्दू सभ्यता के विरुद्ध अनेक षड्यंत्र किये गए हैं। जैसे वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित षड्यंत्र है caste system।

लूट की दुकान: राजीव गाँधी फाउंडेशन

राजीव गाँधी फाउंडेशन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी हैं और राहुल गाँधी, प्रियंका वाड्रा, चिदंबरम और मनमोहन सिंह इसके अन्य ट्रस्टी हैं. इस ट्रस्ट ने सभी नियमों कानूनों को ताक पर रखकर न सिर्फ विदेशी संस्थाओं से दान लिया है, बल्कि प्रधान मंत्री नेशनल रिलीफ फण्ड, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभिन्न सरकारी कंपनियों से भी काफी मात्रा में दान लिया है.

NDTV continues it’s hypocritical legacy

After publishing the report at 5:35 PM IST, NDTV edited the report around 6 hours later and carefully changed ‘fed’ to ‘ate’ and from Malappuram to Palakkad district.

The politics and commerce of anti-Hindu content in mass media

In the past few years in India, we have come across an unusual situation where a number of mass media outlets seem to be “two timers” as in one branch of the organization will support the nationalist narrative and the other will support the leftist narrative.

Media: A stain on democracy

if media houses (considered as fourth pillar of democracy) really want to help migrant workers they should have done that and this crisis was got resolved till now, but what they worried for is just only for their so-called "prime time show reports".

All Articles

Kanhaiya Kumar is a criminal out on bail, not a hero

Media who hate Modi must realize we Indians are no fools, we see through their sinister agenda and cannot stand it.

Can the Right-Wing ignore Mr. Kejriwal until he self-destructs?

The right-wing on Twitter needs to learn to ignore certain things and certain personalities.

Stop The Circus – Revolutions are not always the answer

The warning signs are here. The Haryana riots are a wake-up call. It is time look within and not be swayed by self-interests.

भीड़ का मिज़ाज

हरयाणा मे आरक्षण की माँग को लेके तोड़ फोड़ हुई तो उसी की आड़ मे बलात्कार भी। जवाबदेही किसी की नही है क्यूंकी ये भीड़ ने किया!

Modi seems to have changed gears – Politically!

Recent developments - both incidental and planned - have worked in favor of Modi. Is this the impetus Modi and his supporters awaited? Interesting times indeed.

Decoding Barkha Dutt’s open letter to Prime minister

This open letter from Barkha Dutt to the Prime Minister decodes the hidden message. The words Barkha may not have used.

The Rail Budget is in right direction

Rail Budget seeks to increase the share of revenue without putting a burden on the consumers.