गुस्सा या आदत?

बाबरी के गुस्से से दंगो को जस्टिफाई करने वालों ये बताओ की जून 1851 में “माइनॉरिटी”-पारसी दंगो को कैसे जस्टिफाई करोगे? बस एक छोटा सा लेख ही तो लिखा था “चित्रा दिनन दर्पण” नामक मैगजीन ने।

जाति है कि जाती नही

जाति की राजनीति करने वाले सभी नेता ब्राह्मणवाद विचारधारा से ग्रसित हैं, क्योंकि वह समाज में एकीकृत भाव का निर्माण होने ही नहीं देना चाहते। बाकि समझ अपनी-अपनी।