आलोक वर्मा: सीबीआई निदेशक

दो साल पहले तक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना दोनों ही कर्तव्यनिष्ठ और असंग्दिध सत्यनिष्ठा वाले अधिकारी थे, फिर अचानक क्या हुआ कि दोनों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध हो गयी और आलोक वर्मा को तो अपमानित होकर सीबीआई से हटना पड़ा?

दुर्बलता मृत्यु है

हमारे राष्ट्र और हमें अब शक्तिशाली बनना ही होगा। शक्तिसंपन्न हुए बिना भला अशोक और गाँधीजी का अहिंसा और विश्वशांति का सन्देश “श्रेष्ठतम की उत्तरजीविता” जैसे जंगल के कानून में विश्वास करने वाले संसार को कैसे हम समझा पाएंगे?