Friday, February 26, 2021
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शिक्षा नीति के सारगर्भित पहलू

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आखिरकार करीब साढ़े तीन दशक के लम्बे इन्तजार के बाद केंद्रीय कैबिनेट ने ऐतिहासिक फैसले स्वरूप नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मंजूरी दी. देश में विगत काफी वर्षों से शैक्षणिक सुधारों की मांग ने काफी जोर पकड़ रखा था, अतः इस दृष्टि से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का महत्व और बढ़ जाता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अंतिम रूप, डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली शैक्षणिक कमेटी द्वारा निर्मित, गत वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रारूप के अंतर्गत — देश भर से आए विद्यार्थियों, अभिभावकों व शिक्षाविदों से प्राप्त हुए करीब दो लाख सुझावों की छंटनी कर दिया गया. जैसा कि मसौदे में निहित था कि नवीनतम राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने, उन्हें विभिन्न नवाचारों के माध्यम से ज्ञान उपलब्ध कराने एवं उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में उचित कदम उठाने से जुड़ा है.

इसके अतिरिक्त मसौदे में शिक्षा के विभिन्न आयामों – अधिगम (Learning), तर्कसंगतता (Rational), एवं जवाबदेही (Accountability) में सकारात्मक एवं गुणात्मक परिवर्तन की भी बात कही गई थी. समाज में शिक्षा की पहुँच हर तबके तक सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक स्तर से उच्च माध्यमिक स्तर तक नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल किया गया है जो कि निसंदेह सर्वोत्तम बिंदु है. साथ ही मुक्त विद्यालयों के माध्यम से स्कूली शिक्षा छोड़ चुके करीब दो करोड़ विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाया जाएगा. प्राथमिक स्तर पर शिक्षा पद्धति के भाषाई माध्यम में अंग्रेजी की अनिवार्यता भी समाप्त की गई. इसी कड़ी में वर्ष 2030 तक प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात (GER) को पूरे शत प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीँ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले हेतु एक कॉमन प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी जिसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को दी गई है. अन्य शैक्षणिक सुधारों में राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र – ‘परख’ का गठन, शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार हेतु कुछ नए मानक (NPST) भी तय किए गए हैं.

स्पष्ट है कि नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का दायरा काफी विस्तृत है और इसमें निहित शैक्षणिक आयामों और उपागमों में ज्ञान के प्रति समग्र दृष्टिकोण अपनाया गया है. साथ ही हमें उम्मीद है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हमारे देश के शैक्षणिक सुधारों और बौद्धिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.

केशव शर्मा
राजस्थान विश्वविद्यालय
जयपुर

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