देशहित से ऊपर राजनैतिक हित

केजरीवाल ने जो कल बयान दिया वो उसने राजनैतिक लाभ के इरादे से दिया जो देश विरोधी बयान साबित हो चुका है विपक्ष समझ नहीं रहा है कि वो मोदी विरोध में देश का विरोध कर रहे हैं जिसका भरपूर फायदा हमारा दुश्मन मुल्क पाकिस्तान बखूबी उठा रहा है।

दल से उपर सदैव देश प्रथम होता है पर हमारे नेता इस बात को आज तक कभी भी प्राथमिकता नही दि, केजरीवाल द्वारा पाकिस्तान परस्त बयान ये पहली बार नही आया है इससे पूर्व भी केजरीवाल सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत मांग एसा कर पाकिस्तान की मदद कर चुके हैं।

बहरहाल केजरीवाल का बयान तो अभी आया इससे पूर्व भी हमारे विपक्षी पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बयान ने पाकिस्तान को संजीवनी प्रदान की है चाहे हम बात करें राहुल गांधी या ममता की दोनो ने सर्जिकल स्ट्राइक 2 से पाकिस्तान को उबरने में अपने देश विरोधी बयानों से सर्वोच्च योगदान दिया है।

मुझे तो आश्चर्य होता है कि कांग्रेस जैसी देश की सबसे पुरानी पार्टी और राष्ट्रीय पार्टी जिसने भारत पर सबसे अधिक समय तक शासन किया है उनके द्वारा भी गैरजिम्मेदाराना बयान आना बहुत दुखद है। ममता बनर्जी की तो बात ही छोड़ दो उन्होंने तो थान लिया है कुछ भी हो जाए वो मोदी सरकार के साथ खड़ी नज़र नही होंगी चाहे वो उन्हें देश के विरोध ही क्यों न जाना पड़ जाए वो जाएंगी।

मैं यहाँ सिर्फ विपक्षी पार्टी पूरी तरह से को दोष नही देना चाहूंगा सत्तारूढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता द्वारा भी सेना की कार्यवाही और शहादत को वोट बैंक से जोड़ कर भाजपा के नेताओं ने भी अपनी सीमा पार की इससे ये बात साफ हो जाती हैं देशहित से बड़ा राजनैतिक हीत हमारे राजनेताओं के लिए अति महत्वपूर्ण हैं।

Advertisements
The opinions expressed within articles on "My Voice" are the personal opinions of respective authors. OpIndia.com is not responsible for the accuracy, completeness, suitability, or validity of any information or argument put forward in the articles. All information is provided on an as-is basis. OpIndia.com does not assume any responsibility or liability for the same.